बागेश्वर। बारिश के बाद पहाड़ियों से मलबा गिरने और भूस्खलन का क्रम जारी है। इस बीच जिले में मलबा आने से बंद होने वाले मोटर मार्गों की तादाद और बढ़ गई है। अब तक जिले में 22 मोटर मार्ग बंद हो चुके हैं। एक मार्ग खुल रहा है तो दूसरा बंद हो जा रहा है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। कपकोट विकास खंड में सड़कें सबसे ज्यादा बुरे हाल में हैं।
बृहस्पतिवार तक जिले में बंद सड़कों का आंकड़ा बढ़कर 22 तक पहुंच गया।
पिछले 24 घंटों केे भीतर कार्यदायी संस्थाओं ने पांच मार्गों से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया। कड़ी मशक्कत के बाद पांच मार्गों से मलबा हटाकर उन्हें खोला गया तो उधर छह और मोटर मार्गों पर मलबा आने से वह बंद हो गए। लोनिवि कपकोट की 11 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसी तरह पीएमजीएसवाई की नौ सड़कें बंद हैं। एडीबी बागेश्वर की दो सड़कें बंद हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि कार्यदायी संस्थाएं सड़क खोलने के काम में जुटी हैं।
सड़कों की मरम्मत को मिले 23 लाख
बागेश्वर। बारिश की मार से बेहाल सड़कों की मरम्मत के लिए जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्थाओं को 23 लाख का बजट जारी किया है। डीएम ने आपदा राहत निधि से बजट दिया है। पीएमजीएसवाई कपकोट को 10 लाख, लोनिवि कपकोट को आठ लाख, पीएमजीएसवाई और लोनिवि बागेश्वर को तीन लाख, प्रांतीय खंड लोनिवि को दो लाख रुपये मिले हैं। इस बजट से सड़कों की मरम्मत के साथ ही प्रभावितों को राहत दी जाएगी। डीएम रंजना राजगुरु ने कार्यदायी संस्थाओं को सड़कों से मलबा हटाने का काम तत्परता से करने को कहा है।
यह मार्ग खुले
राज्य मार्ग= बागेश्वर-शामा-तेजम
मुख्य जिला मार्ग= बागेश्वर-दोफाड़-धरमघर, बागेश्वर-कपकोट
ग्रामीण मोटर मार्ग= बालीघाट-दोफाड़-धरमघर, भयू-गडेरा
यह मार्ग हुए बंद
मुख्य जिला मार्ग = कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर, कपकोट-शामा-तेजम
अन्य जिला मार्ग = भानी-हरसिंग्याबगड़
हल्का मोटर मार्ग = सौंग-लोहारखेत, सौंग-लोहारखेत
ग्रामीण मार्ग = भयू-गुलेर, दूनी-सुकुंडा, पोथिंग-भगवती मंदिर, कपकोट-पोलिंग, शामा-लीती-गोगिना, धरमघर-माजखेत, धरमघर-सनगाड़, शामा-नौकोड़ी, रिखाड़ी-बाछम, गोगिना मोटर मार्ग, कपकोट-कर्मी, कपकोट-लीली, खड़लेख-भनार, मुनार बैंड-सूपी, शामा-लीती, भानी-हरसिंग्याबगड़ मोटर मार्ग।