कपकोट (बागेश्वर)। पीपीपी मोड संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सात साल से ऑपरेटर नहीं होने से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। लोगों को अल्ट्रासाउंड नहीं होने से कई दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
क्षेत्र के लोगों ने आपरेटर की तैनाती की कई बार मांग कर दी है, लेकि न उनकी आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। गुस्साए लोगों ने आपरेटर की शीघ्र तैनाती न होने पर आंदोलन शुरू की चेतावनी दी है।
मालूम हो कि क्षेत्र के मौजूदा विधायक बलवंत भौर्याल पिछले शासन में स्वास्थ्य राज्य मंत्री थे। तब उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र में लोगों की सुविधा के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई थी।
अस्पताल के एक कमरे में बंद मशीन चलाने के लिए जिला अस्पताल से सप्ताह में दो दिन ऑपरेटर को भेजा था। इससे लोगों को काफी सुविधा हो रही थी। जैसे ही उनका कार्यकाल पूरा हुआ आपरेटर का यहां आना भी बंद हो गया। अस्पताल अब पीपीपी मोड से संचालित हो रहा है।
लोग प्रबंधन से अल्ट्रासाउंड के संचालन के लिए कई बार कह चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। लोगों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए यहां से 24 से 60 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। इसमें उनका काफी समय और पैसा बर्बाद हो रहा है।
विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने के लिए ऑपरेटर की तैनाती कराने की मांग की है। उन्होंने तैनाती न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
चेतावनी देने वालों में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कल्याण संगठन के ब्लाक अध्यक्ष विशन गढ़िया, सचिव सतीश जोशी, पूर्व कनिष्ठ ब्लॉक उप प्रमुख हुकुम सिंह दानू, ग्राम प्रधान किलपारा जमन सिंह दानू, पूर्व बीडीसी सदस्य नरेंद्र कोरंगा, पूर्व सूबेदार मेजर जमन सिंह बिष्ट, पूर्व प्रधान पदम राम आदि शामिल हैं।