बागेश्वर। इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के पद सीधी भर्ती से भरने की कवायद आवेदन से आगे नहीं बढ़ सकी। जिले के 59 इंटर कॉलेजों को अब भी स्थायी प्रधानाचार्य का इंतजार है। गरुड़ और कपकोट विकासखंड के एक भी इंटर कॉलेज में स्थायी प्रधानाचार्य नहीं है।
प्रधानाचार्य के पास विद्यालय के समग्र प्रबंधन, शैक्षणिक गुणवत्ता की देखरेख, शिक्षकों और विद्यार्थियों के उचित मार्गदर्शन समेत विद्यालय में होने वाले सभी विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी होती है। प्रधानाचार्य के नहीं होने से विद्यालय में तैनात शिक्षकों में से किसी एक को प्रभारी बनाया जाता है।
इससे स्कूल में एक शिक्षक की कमी हो जाती है। प्रभारी प्रधानाचार्य को अपने विषय की पढ़ाई कराने के साथ-साथ प्रशासकीय कार्य भी देखने होते हैं। कई बार अन्य कार्यों के चलते शिक्षण प्रभावित हो जाता है।
उचित प्रशिक्षण नहीं मिलने और अनुभव की कमी के कारण कई बार प्रभारियों को दिक्कत पेश आती है। जिले में 61 इंटर कॉलेज हैं, जिनके सापेक्ष राबाइंका बागेश्वर और राइंका मंडलसेरा में ही स्थायी प्रधानाचार्य हैं। बाकी इंटर कॉलेज प्रभारियों के भरोसे चल रहे हैं।