बागेश्वर। हस्तशिल्प निर्यातकों, निर्माताओं, शिल्पकारों, कारीगरों और कुशल कारीगरों के पांच बैचों की पांच दिवसीय पहली कार्यशाला संपन्न हो गई है। इस कार्यशाला का आयोजन नेशनल सेंटर फॉर डिजाइन एंड प्रोडक्ट डेवलेपमेंट भारत सरकार के सहयोग और जन शिक्षण संस्थान की ओर से किया गया था।
संस्थान के निदेशक डॉ. जितेंद्र तिवारी ने प्रशिक्षणार्थियों को व्यवसाय आगे बढ़ाने की तकनीकी बताते हुए बाजार की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देेने और मांग के अनुरूप अपने उत्पाद तैयार करने को कहा।
सहायक निदेशक डीसी हैंडीक्राफ्ट अल्मोड़ा नंदी बिष्ट ने आधुनिक उपकरणों का प्रयोग करने और ताम्र के नवीनतम उत्पादों का निर्माण करने को कहा। उन्होंने बताया कि विपणन केंद्रों की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान संस्थान के नरेंद्र खेतवाल, चंदू नेगी, रश्मि देव, आशा, अनीता, गीता और शोभा टम्टा आदि थे।