बागेश्वर। बागेश्वर ब्लॉक की वीरांगना महिला जनप्रतिनिधियों की बैठक में विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने विरोध के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों को नगरपालिका में शामिल करने पर नाराजगी जताई।
ग्रामीण उत्थान समिति की ओर से आयोजित बैठक में महिलाओं ने बमराड़ी, औंखलसौं, बिलौना आदि स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर चिंता जताई। महिला प्रतिनिधियों ने कहा कि बमराड़ी में 30 बच्चों का भविष्य एक शिक्षक के भरोसे छोड़ा गया है।
बैठक में कहा गया कि पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के विरोध के बावजूद गांवों को नगरपालिका में शामिल किया जा रहा है, जबकि पूर्व में उन्हें विरोध होने पर शामिल नहीं करने का आश्वासन भी दिया गया था। महिलाओं ने काश्तकारों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि जंगली सुअरों और बंदरों के कारण ग्रामीण परेशान हैं। इस मामले में कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
बैठक में उपस्थित सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं होने तक संघर्ष जारी रखा जाएगा। बैठक में ग्राम प्रधान अनीता टम्टा, नीमा पालनी, राधा देवी, मुन्नी देवी, सावित्री मेहता, विमला देवी, गंगा, गुड्डी जोशी, विद्या जोशी, पुष्पा टम्टा, गीता देवी, गंगा देवी, मुन्नी देवी और समिति की ओर से बसंती कपकोटी, तारा दानू, अनीता रावत, हिमानी, वर्षा आदि उपस्थित थे।