बागेश्वर। जिले में दिवंगत राष्ट्रपति और प्रख्यात शिक्षाविद डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर शिक्षा और सर्व शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित गोष्ठी में नवाचारी कार्यों और शिक्षण कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 36 शिक्षक और शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक चंदन राम दास और जिलाधिकारी रंजना ने किया।
मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय सभागार में मुख्य अतिथि विधायक चंदन राम दास ने कहा कि विकास का पैमाना शिक्षा से शुरू होता है। इसलिए विकास करना है तो सबसे पहले शिक्षा के स्तर को सुधारना होगा। उनके क्षेत्र के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी शिक्षण का कार्य किया जा रहा है जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय बहुली के भवन निर्माण सहित अन्य समस्याओं को शीघ्र दूर करने का भरोसा दिलाया। डीएम रंजना ने शिक्षकों का आह्वान किया कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च होता है। इसलिए शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए शिक्षा के स्तर को हरसंभव सुधारने का प्रयास करना चाहिए।
जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में कई शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में अहम योगदान दे रहे हैं। उनके प्रयास से कई बच्चों को नवोदय और सैनिक विद्यालयों में प्रवेश मिला है। इस मौके पर 12 माध्यमिक, 24 जूनियर एवं प्राथमिक शिक्षकों को प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
वहां मुख्य शिक्षा अधिकारी हरीश चंद्र सिंह रावत, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक आकाश सारस्वत, खंड शिक्षा अधिकारी बागेश्वर पूनम चौहान, कपकोट रमेश चंद्र मौर्य, जिला समन्वयक सुमित पांडे, उप खंड अधिकारी विजेंद्र जोषी, हेम जोशी सहित अनेक विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन राइंका के प्रवक्ता दीप चंद्र जोशी ने किया।
उधर ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल चौरासी में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ललित मोहन जोशी ने बच्चों को गुरु के महत्व को बताया। बच्चों की सामान्य और भाषण प्रतियोगिता हुई। वहां प्रबंधक उमेश चंद्र जोशी, किरन दफौटी, विमला मिश्रा, रजनी टम्टा आदि थे।
उधर उमावि बहुली में प्रधानाचार्य विनोद प्रकाश की देखरेख में निबंध प्रतियोगिता हुई। जूनियर वर्ग वर्ग की प्रतियोगिता में तनुज परिहार, मयंक बिष्ट और रवींद्र परिहार, सीनियर वर्ग में तनुजा परिहार, भावना परिहार और तनीषा परिहार ने क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।