बागेश्वर। आपदा की मार से एक और मकान ध्वस्त हो गया। बेघर परिवार को गांव में संबंधी के घर शरण लेनी पड़ी। जबकि चार मकान बुरी और दो आंशिक क्षतिग्रस्त हुए। एक गोशाला भी ध्वस्त हो गई।
बागेश्वर के उडेरा में हीरा सिंह और कपकोट के सुमगढ़ में सोबन नाथ का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कांडा तहसील के सकन्यूड़ा में जीत राम का मकान ध्वस्त हो गया। प्रभावित परिवार ने गांव के संबंधी के घर शरण ली। ज्यूला रौतेला में देवकी देवी का मकान, पैठाण में लता जोशी की गोशाला, काफलीगैर के पासदेव में हंसी देवी, गणेश राम, रैखोली प्रताप सिंह के मकान को भी नुकसान पहुंचा। इधर, प्रशासन ने बागेश्वर और गरुड़ तहसील के प्रभावितों को राहत राशि के चेक बांटे।
सड़कें बंद होने से मुश्किलें बढ़ी
बागेश्वर। कई दिनों से बंद सड़कें नहीं खुुलने से कपकोट के ग्रामीण अंचलों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। जिले की छह सड़कें पिछले एक सप्ताह से लेकर 10 सप्ताह से बंद पड़ी है। यातायात सेवा से वंचित हुए ग्रामीण अंचलों में जरूरी वस्तुओं की किल्लत के साथ ही महंगाई भी बढ़ गई है।
मंगलवार को कपकोट विकास खंड में नौ सड़कें बंद रही। भरसक कोशिश के बावजूद कार्यदायी संस्थाएं सड़कें नहीं खोल पा रही हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल का कहना है कि भारी भूस्खलन और लगातार मलबा आने से सड़क खोलने का काम प्रभावित हो रहा है।
जिले की बंद सड़कों का ब्योरा
सड़क इतने समय से है बंद
कपकोट-पिंडारी 10 सप्ताह से
भयू-गडेरा तीन सप्ताह से
कपकोट-पोलिंग दो सप्ताह से
हरसिला-पुड़कुनी तीन सप्ताह से
धरमघर-माजखेत सप्ताह भर से
शामा-नौकुड़ी सप्ताह भर से