कपकोट (बागेश्वर)। उपजिलाधिकारी रवींद्र बिष्ट ने बृहस्पतिवार को कपकोट-दूणी-सुकुंडा सड़क पर किए जा रहे डामरीकरण का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने डामरीकरण को अत्यंत घटिया स्तर का पाया। एसडीएम ने एडीबी के अधिशासी अभियंता को अग्रिम आदेशों तक ठेकेदार को किसी प्रकार का भी भुगतान नहीं करने को कहा। उन्होंने जांच रिपोर्ट डीएम को भी भेज दी है।
एसडीएम बिष्ट ने बताया कि कपकोट-दूणी-सुकुंडा सड़क में हो रहे डामरीकरण को लेकर ग्रामीणों से शिकायत मिली थी। जांच में डामरीकरण का स्तर निम्न पाया। कई जगह डामर उखड़ा मिला। एसडीएम ने बताया कि संभवतया डामर के लिए यह तापमान अनुकूल नहीं है। डामर एई और जेई की देखरेख में भी नहीं कराया जा रहा है। इस तरह के डामरीकरण से सरकारी धन की ही बर्बादी होती है। उन्होंने एडीबी के ईई को निर्देश दिए कि वह डामरीकरण बगैर जिम्मेदार अभियंताओं की मौजूदगी में न कराएं और भुगतान अग्रिम आदेशों तक नहीं करें। एसडीएम के निरीक्षण से विभाग में हड़कंप मचा रहा।