फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रीराम के वियोग में दशरथ ने त्यागे प्राण

विज्ञापन
विज्ञापन
कपकोट/धरमघर (बागेश्वर)। कपकोट की रामलीला में रविवार रात श्रीराम के वन जाने से राजा दशरथ ने प्राण त्यागने और चित्रकूट में राम-भरत मिलन के दृश्य का खूबसूरत मंचन किया गया। उधर, धरमघर और कमेड़ीदेवी की रामलीलाओं ने सीता स्वयंवर की लीला का मंचन किया गया।
विज्ञापन


कपकोट में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम, विशिष्ट अतिथि हरीश शाही, पूर्व बीडीसी सदस्य चंद्र सिंह कोरंगा और सामाजिक कार्यकर्ता ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर रामलीला का शुभारंभ किया। दशरथ की भूमिका पूरन पांडे, जनक की खीम सिंह मेहता, विश्वामित्र की गिरीश जोशी, राम की पारस कोरंगा, लक्ष्मण की मुकेश पांडे, सीता की ललित पांडे, कैकेई की प्रकाश कांडपाल, कौशल्या की राकेश पांडे, सुमित्रा की ललित पांडे और मंथरा की भूमिका मुकेश पांडे ने निभाई।

मां उमा बाल शिक्षा स्वास्थ्य मंदिर के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। अतिथियों ने बच्चों को कमेटी की ओर से प्रशस्ति पत्र और होटल सरयू के प्रबंधक राजा शाही की ओर से विद्यालय की शिक्षिका दीपा तिरुवा को स्मृति चिन्ह भेंट किया। नैनीताल से आए साहित्यकार और हास्य कलाकार शिरोमणि पंत ने कुमाऊंनी गीत और चुटकुलों से दर्शकों को खूब गुदगुदाया।
विज्ञापन


उधर, धरमघर और कमेड़ीदेवी की रामलीलाओं में सीता स्वयंवर, दशरथ-कैकेई संवाद का मंचन किया गया। राम की भूमिका नितिन महर, लक्ष्मण की भरत सिंह, भरत की कमल तिवाड़ी, शत्रुघ्न की राहुल साह, दशरथ की मनोहर पंचपाल, जनक की पप्पू वर्मा, सीता की प्रांजल वर्मा, कैकेई की भूपेंद्र लस्याल जबकि मंथरा की भूमिका हरीश तिवारी ने निभाई। संचालन व्यवस्थापक केदार महर ने किया। ।ी पप्पू वर्मा, सीता की प्रांजल वर्मा, कैकेई की भूपेंद्र लस्याल जबकि मंथरा की भूमिका हरीश तिवारी ने निभाई। संचालन व्यवस्थापक केदार महर ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें