बागेश्वर। उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण की ओर से विक्टर मोहन जोशी स्मारक राइंका बागेश्वर में एक दिनी विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी का उद्घाटन सीईओ हरीश चंद्र सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर अभी से ध्यान देते हुए उपयोग की तकनीक विकसित करने की जरूरत है। इसी से भावी पीढ़ी के लिए समुचित ऊर्जा के संसाधन उपलब्ध रहेंगे। उरेडा के परियोजना अधिकारी ने कहा उरेडा द्वारा प्रदेश में सौर ऊर्जा, जल विद्युत ऊर्जा और बायोगैस से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार तेवाड़ी ने कहा कि यदि हम अपनी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति वैकल्पिक साधनों से करने में सफल हो गए तो ग्रिड की ऊर्जा का उपयोग उद्योग धंधों और विज्ञान प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में कर सकते हैं। संदर्भ व्यक्ति और डायट के प्रवक्ता नर सिंह मौर्य ने भी ऊर्जा संरक्षण पर जानकारी दी। इस अवसर पर भाषण, निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को 2000, 1500, 1000 रुपये का पुरस्कार दिया गया।