जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ज्योत्सना के अनुसार बिजौरीझाल गांव हिमुली देवी और उसके चचेरे भाई नारायण राम मेहनरबूंगा के बीच जमीन को लेकर पिछले 30 वर्ष से विवाद चल रहा था। प्राधिकरण में जब भाई को नैतिक कर्तव्यों का एहसास कराया गया तो नारायण राम अपनी बहन के नाम दर्ज भूमि का कब्जा उसे देने को राजी हो गया।
उन्होंने बताया कि भाई-बहन के बीच 30 वर्ष से चला आ रहा विवाद सुलह राजीनामा पर समाप्त हो गया। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण में जब हिमुली देवी ने भाई नारायण राम की कलाई में राखी बांधी तो दोनों भावुक हो गए। सुलह-समझौते की इस कार्रवाई में अधिवक्ता इंदिरा दानू और चंद्रशेखर मिश्रा ने सहयोग दिया। ब्यूरो