बंदरों, लंगूरों, सुअरों और स्येही ने कृषि और बागवानी को बुरी तरह तबाह कर दिया है। बड़ी संख्या में किसानों को सूखे से बर्बाद हुई रबी फसलों का आज तक मुआवजा भी नहीं मिल सका है। गुस्साएं मजदूर संघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इसमें उन्होंने समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर 25 सितंबर को जुलूस निकालकर तहसील परिसर में धरना देने की चेतावनी दी है।
प्रधानमंत्री और सीएम के नाम भेजे ज्ञापन में भारतीय मजदूर संघ की जिला इकाई ने कहा है कि जंगली जानवरों ने कृषि, फलोत्पादन और शाकभाजी को बुरी तरह चौपट कर दिया है। कृषि लोगों की मुख्य आजीविका है। लेकिन जानवरों से सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से कई लोगों ने अब खेती करनी बंद कर दी है।
बीते वर्ष सूखे के कारण रबी की फसल बुरी तरह सूख गई थी कई किसानों को आज तक उपयुक्त मुआवजा भी नहीं मिल सका है। किसानों को सुविधा नहीं मिलने के कारण गांवों से पलायन भी लगातार बढ़ते जा रहा है। मनरेगा के तहत मजदूरों को दी जा रही मजदूरी भी काफी कम है। संघ ने इन मांगों को पूर्व में कई बार आंदोलन करने के साथ ही ज्ञापन भी भेजे लेकिन समस्या का आज तक समाधान नहीं हो सका है।
उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से समस्याओं का समाधान शीघ्र करने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर उन्होंने घोषित तिथि पर जुुलूस निकालकर तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, महामंत्री धीरज चंद्र जोशी, खेतिहर मजदूर संघ के अध्यक्ष विशन दत्त भट्ट, उमेद सिंह, कुंवर सिंह, शेर सिंह, सुरेश चंद्र, जानकी जोशी, देवकी जोशी और गीता जोशी आदि शामिल हैं।