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स्वच्छकों की हड़ताल से अल्मोड़ा में जमा हो गया 24 टन कूड़ा, बागेश्वर में भी बुरा हाल

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अल्मोड़ा के माल रोड में पड़ा कूड़ा। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/बागेश्वर। ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के आह्वान पर हड़ताली पालिका के पर्यावरण मित्रों (स्वच्छक कर्मी) ने तीसरे दिन भी शहर का कूड़ा नहीं उठाया। हड़ताल से शहर में चौबीस टन से अधिक कूड़ा जमा हो गया है। मार्गों, गलियों और मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बारिश होने से कूड़ा जगह-जगह फैल रहा है और दुर्गंध उठ रही है। इससे दुकानदारों, राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ईद पर बुधवार को अवकाश के बावजूद भी पर्यावरण मित्रों ने पालिका कार्यालय प्रांगण में धरना दिया और सभा की। कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए।
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धरना स्थल पर हुई सभा में प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार ने आरोप लगाया कि सरकार पर्यावरण मित्रों की समस्याओं के समाधान को लेकर कतई गंभीर नहीं है। दो दौर की पूर्व में वार्ता हो चुकी थी, लेकिन सरकार ने समाधान नहीं निकाला। जिससे आंदोलन के लिए विवश होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द सभी समस्याओं का समाधान करने अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। धरने में जिलाध्यक्ष दीपक चंदेल, अनीता, राजेश टॉक, सतीश कुमार, कुलवंती, किरन, कमल चौहान आदि थे।
बागेश्वर में भी धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने कहा कि लंबे से उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिन कंधों पर पूरे प्रदेश की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उनकी मांगों को न मानकर अन्याय किया जा रहा है। प्रदर्शन में संगठन के जिलाध्यक्ष चंदन लाल, शाखा अध्यक्ष तेजपाल, राकेश, नरोत्तम, गिरीश लाल, संजय, गीता देवी, दिनेश कुमार आदि थे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
01 स्थानीय निकायों, सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कालेजों, शैक्षिक संस्थानों और विभागों में सफाई कार्य में लागू ठेका प्रथा समाप्त की जाए।
02 स्वच्छ कर्मियों के पदों पर आउट सोर्सिंग से नियुक्ति न दी जाए।
03 स्वच्छक कमियों के पदों पर नियमित नियुक्ति हो।
04 दस हजार जनसंख्या के मानक पर 28 सफाई कर्मचारियों, वाहन चालक की तैनाती की जाए।
05 पर्यावरण मित्रों को कनिष्ठ सहायक, पर्यावरण पर्यवेक्षक, सफाई निरीक्षक, चालक पदों पर पदोन्नति भी मिले।
06 वर्ष 2005 से बंद की गई पुरानी पेंशन योजना बहाल होनी चाहिए।
07 सफाई कर्मियों का जीवन और स्वास्थ्य बीमा करने, निकाय कर्मियों को सरकारी कर्मियों की तरह भत्ते दिए जाए।
08 निकाय क्षेत्र में आवासों में रह रहे सफाई कर्मियों को आवासों पर मालिकाना हक मिले।
09 पर्यावरण मित्र पदनाम को संशोधित कर सफाई सैनिक किया जाए।
नगर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, दुर्गंध से चलना दूभर
बागेश्वर। नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से नगर में जहां-तहां कूड़े के ढेर लग गए हैं। नगर के गोमती पुल, तहसील मार्ग, चौक बाजार, नदीगांव, नुमाइशखेत मैदान के पास, भागीरथी, कांडा मार्ग, पिंडारी मार्ग, एसबीआई तिराहा, केमू स्टेशन आदि स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। लगातार हो रही बरसात से गीला हो रहा कूड़ा लोगों के लिए और अधिक परेशानी पैदा कर रहा है। नगर की गलियां कचरे से सन गई हैं। नगर के भीतर पैदल चलना मुश्किल होते जा रहा है। कर्मचारियों की मांगें जल्द पूरी न हुई तो हालात इससे भी बुरे हो सकते हैं। नगरपालिका कूड़ा निस्तारण करने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने में असफल साबित हुई है।

बागेश्वर के तहसील रोड पर गोमती पुल के पास फैला कूड़ा। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

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