जिले में देसी शराब की पांच और अंग्रेजी शराब की छह दुकानों के लिए लाटरी के आधार पर नीलामी कर दी गई। यहां देसी शराब की सात और अंग्रेजी की छह दुकानाें सहित कुल 13 दुकानों की नीलामी होनी थी, लेकिन मात्र 11 दुकानों के लिए ही आवेदन आए थे।
डीएम भूपाल सिंह मनराल की मौजूदगी में बुधवार को नीलामी की प्रक्रिया पूरी हुई। शामा में इसी साल से मंजूर अंग्रेजी शराब की दुकान की नीलामी सबसे कम 15 लाख 15 हजार रुपए में हुई। सबसे अधिक राजस्व बागेश्वर की अंग्रेजी शराब की दुकान से मिलेगा। इसकी नीलामी 7 करोड़, 61 लाख, 57 हजार, 175 रुपए में हुई है। जिले में शराब की सभी 13 दुकानों से सरकार को 24 करोड़, छह लाख, 89 हजार 507 रुपए का राजस्व मिल सकेगा, जो पिछले साल की तुलना में 1 करोड़, 83 लाख, 45 हजार 649 रुपए अधिक है।
जिला आबकारी अधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि पिछले साल बारह दुकानों से कुल 22 करोड़ 23 लाख, 43 हजार 858 रुपए का राजस्व मिला था। नीलामी के मौके पर डीएम सहित आबकारी निरीक्षक गोपी राम, अधीक्षक एनएस नपलच्याल, डिप्टी कलक्टर हरवीर सिंह, एसडीएम फींचा राम चौहान, कपकोट के एसडीएम केएस टोलिया, सीओ धनी राम, बृजेश जोशी, भुवन चंद्र, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित थे।
देसी शराब की दो दुकानों का नहीं हो सका आवंटन
बागेश्वर। बागेश्वर और गरुड़ की देसी शराब की दो दुकानों के लिए एक भी आवेदन नहीं आया था। जिससे इन दुकानों की नीलामी नहीं हो सकी। आबकारी निरीक्षक ने बताया कि पूर्व की शर्तों के आधार पर ही आवेदन मिलने पर बृहस्पतिवार को यह दुकानें आवंटित कर दी जाएंगी।
महिलाओं को मिली दो दुकानें
बागेश्वर। बागेश्वर में शराब की 13 में से 11 दुकानों के लिए आवेदन करने वाले 1255 लोगों मेें से 230 महिलाएं भी थी। इनमें से शामा की अंग्रेजी शराब की दुकान और कांडा की देसी शराब की दुकान महिलाआें के नाम से आवंटित हुई हैं।