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आपदा की मार से नौ और मकान क्षतिग्रस्त, छह सड़कें बंद

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बागेश्वर। आपदा की मार से जिले में नौ और मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सात मकानों को भारी जबकि दो को आंशिक नुकसान हुआ। गोशाला ढहने से एक मवेशी की मौत हो गई। दूसरी ओर सात सड़कें बंद रहने से यातायात ठप रहा। छह सड़कें बंद होने से हजारों की आबादी यातायात से वंचित रही। जबकि चार सड़कों पर आए मलबे ने घंटों तक यातायात की रफ्तार थामे रखी।

शनिवार को जिला आपदा कंट्रोल रूप में बागेश्वर तहसील के नायल चमोली गांव में धुनली देवी के आवासीय भवन को भारी नुकसान हुआ। कपकोट तहसील के बड़ेत गांव में दलीप सिंह की गौशाला की दीवार ढह गई। मलबे में दबकर एक भैंस की मौत हो गई। बड़ेत में ही शोभा जोशी का पत्थरछाया पक्का आवासीय मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। नरगड़ा में सुंदर सिंह जबकि पोलिंग में भजन सिंह, चचई में सुरेश राम और खिमुली देवी का पक्का आवासीय मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चचई में ही खुशाल राम और पौसारी के मनोज राम के मकान को हल्का नुकसान हुआ। गरुड़ तहसील के वयालीसेरा में दान सिंह का पक्का आवासीय मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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दूसरी ओर शनिवार को भी पोथिंग-शोभाकुंड, हरसिला-पुड़कुनी, कपकोट-पिंडारी, कपकोट-पोलिंग, कपकोट-कर्मी, भयू-गडेरा मोटर मार्ग बंद रहे। इन मार्गों के बंद रहने से यातायात पर निर्भर हजारों लोग परेशान रहे। हालांकि जरूरी हालातों में तमाम ग्रामीणों को कई किमी पैदल दूरी तय कर वाहन पकड़ना पड़ा। इसके अलावा कौसानी-भतड़िया, बिजोरीझाल-ओखलसों, जखेड़ा-लमचूला, हरसिला-नानकन्यालीकोट मोटर मार्ग में मलबा और भारी बोल्डर आने से घंटों यातायात बाधित रहा। कार्यदायी संस्था ने जेसीबी से मलबा हटाकर आवाजाही सुचारु की। इधर, बागेश्वर-पिथौरागढ़ की सीमा पर उफनाई रामगंगा से पुल को खतरा बना हुआ है। नदी का पानी पुल की तरफ किनारे को लगातार काट रहा है। पानी के तेज बहाव में तटबंध बह गए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयने के बाद बाढ़ सुरक्षा की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

जिले में बंद मोटर मार्ग
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पोथिंग-शोभाकुंड
हरसिला-पुड़कुनी
कपकोट-पिंडारी
कपकोट-पोलिंग
कपकोट-कर्मी
भयू-गडेरा
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