बागेश्वर। काश्तकारों को 15 साल से 10 किमी लंबी कमेड़ीदेवी-स्यांकोट सड़क के निर्माण में कटी नाप भूमि का मुआवजा नहीं मिला है। इससे प्रभावितों में रोष है। गुस्साए प्रभावितों ने शासन-प्रशासन से मुआवजे का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने 28 अगस्त तक मुआवजा नहीं मिलने पर सड़क पर बैरियर लगाकर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
पूर्व बीडीसी सदस्य इंजी. टीएस रावत ने बताया कि लोनिवि ने 15 साल पहले शेरी, जाखनी और रतघर के लोगों को यातायात की सुविधा देने के लिए 10 किमी सड़क का निर्माण किया। सड़क के किमी तीन से छह किमी तक मजबे गांव केेेे 48 काश्तकारों की उपजाऊ भूमि कटी थी। मुआवजे के लिए वर्ष 2005 में आंदोलन हुआ। अधिकारियों से आश्वासन भी मिले मगर मुआवजा नहीं मिला।
चेतावनी देेने वालों में ग्राम प्रधान भानुली देवी, पूर्व प्रधान भवानी देवी, साबुली देवी, उदे सिंह, दरबान सिंह, दलीप सिंह, भीम सिंह, हरीश सिंह, बसंत सिंह, नारायण सिंह, आन सिंह, दर्शन सिंह, होशियार सिंह, तेज सिंह रावत, प्रताप सिंह, उप प्रधान जोगा सिंह, पान सिंह, जगदीश सिंह, जीत सिंह आदि शामिल हैं।