कपकोट (बागेश्वर)। विकास खंड का एकमात्र राबाइंका शासकीय उपेक्षा का दंश झेल रहा है। विद्यालय में प्रवक्ताओं के नौ में से छह जबकि एलटी में सात में से चार पद खाली चल रहे हैं। विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ाने के लिए प्रवक्ता नहीं होने के कारण छात्राएं प्रवेश लेने में हिचकिचा रही हैं। स्कूल में छात्राओं की संख्या 500 से घटकर केवल 161 रह गई है। अभिभावकों ने शासन और शिक्षा विभाग से शिक्षिकाओं की शीघ्र तैनाती कराने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर उन्होंने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
राबाइंका ऐठाण में प्रवक्ताओं के नौ पद सृजित हैं जिसमें से रसायन, जीव विज्ञान, संस्कृत, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र और राजनीति शास्त्र के पद खाली हैं। सहायक अध्यापिकाओं के सात पद सृजित हैं इसमें से हिंदी, गणित, विज्ञान और व्यायाम के शिक्षक नहीं होने से छात्राओं की पढ़ाई खासी प्रभावित हो गई है।
अभिभावकों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने कई शिक्षिकाओं का तबादला कर दिया मगर उनके प्रतिस्थानी नहीं भेजे। पहले विद्यालय में 500 छात्राएं थी। अब केवल 161 छात्राएं ही रह गई हैं। विद्यालय की छत भी कई जगह से टपक रही है। चहारदीवारी न होने से अनेकों बार लावारिस जानवर परिसर में घुस जाते हैं इससे पढ़ाई बाधित हो जाती है। भवन का लंबे समय से रंगरोगन भी नहीं हुआ है। पीटीए संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह कुंवर आदि ने शासन-प्रशासन से शिक्षिकाओं की शीघ्र तैनाती समेत अन्य समस्याओं का समाधान शीघ्र करने की मांग की है।
विद्यालय की समस्याएं संज्ञान में हैं। शासन से जब भी शिक्षकों का आवंटन होगा। प्राथमिकता के आधार पर तैनाती की जाएगी।
- बलवंत भौर्याल, विधायक विधानसभा क्षेत्र कपकोट।
राइंका रातिरकेटी में शिक्षक तैनात करो
बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के सुदूरवर्ती राइंका रातिरकेटी में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के कई पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एसएमसी और पीटीए संघ के पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर शिक्षकों की शीघ्र तैनाती करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में प्रवक्ताओं के नौ पदों में से एक प्रवक्ता जबकि एलटी में सात पदों में से तीन ही तैनात हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य, लिपिक के अलावा चतुर्थ श्रेणी के सभी पद पहले से ही खाली हैं। उन्होंने डीएम से रिक्त पदों पर शीघ्र तैनाती की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में एसएमसी अध्यक्ष दलीप सिंह, पीटीए अध्यक्ष विजय सिंह आदि शामिल थे।