बागेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 44वें मन की बात में मुनार स्थित मां चिल्ठा आजीविका स्वायत्त सहकारिता समूह द्वारा मडुवे के बिस्कुट हो रही आय का जिक्र किया। वहां अब मडुवा, चौलाई और मक्का से बिस्कुट की प्रोसेसिंग देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुुंच रहे हैं। इन्हीं में से पिथौरागढ़ जिले के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बेड़ीनाग और गंगोलीहाट स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने वहां जाकर प्रोसेसिंग की सारी जानकारियां हासिल की। सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में यूनिट की स्थापना का प्रस्ताव रखने की बात कही।
सहायक परियोजना निदेशक आशीष पुनेठा के नेतृत्व में उन्होंने मडुवा, चौचाई और मक्का से बिस्कुट प्रोसेसिंग यूनिट देखी। सहकारिता की अध्यक्ष तारा देवी, उपाध्यक्ष कौशल्या देवी और सचिव बसंती देवी ने समूह के सदस्यों को मडुवा, चौलाई और मक्का बनाने की विधि के बारे में विस्तार से बताया।
कहा कि इस कारोबार से जहां लोगों की आय बढ़ेगी वहीं रोजगार के लिए हो रहे पलायन पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। परियोजना प्रबंधक धमेंद्र कुमार पांडेय ने समूह के सफर के बारे में विस्तार से बताया। समूह के सदस्यों ने फैक्ट्री को लाभकारी बताया और अपने-अपने क्षेत्रों में यूनिट की स्थापना का प्रस्ताव रखने की बात कही। वहां देहरादून से आए जेंडर और संस्था मैनेजर राजेश बिष्ट मिशन, आशा मेहता सहायक खंड विकास अधिकारी गंगोलीहाट, बीरेंद्र सिंह, विशन लुम्याल, हरीश पांडा, सुनीता, राखी, सुंदरी, ममता, भागीरथी, कलावती और रीना आदि शामिल थे।