बागेश्वर। शासन से बजट न मिलने के कारण बागेश्वर शहर में बनाए जा रहे रोडवेज बस डिपो का कार्य एक साल से बंद है। 2.88 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे इस रोडवेज बस डिपो के निर्माण कार्य को शुरू हुए पांच साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन निर्माण कार्य 70 फीसदी के करीब ही हो पाया है।
बागेश्वर को जिला मुख्यालय बने दो दशक हो चुके हैं। अभी तक इस शहर में बेहतर बस अड्डा नहीं है। उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से यहां से अल्मोड़ा, बरेली, देहरादून के लिए बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इनकी बसें भी सड़कों के किनारे ही खड़ी की जाती हैं। मार्च 2012 में बिलौना में बस अड्डा स्वीकृत किया गया था। इसके निर्माण के लिए पेयजल निगम की सीएनडीएस इकाई को कार्यदायी संस्था बनाया गया। 2012 में ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इसके लिए 2016 तक 1.36 करोड़ रुपये अवमुक्त हो चुका है। इससे मुख्य भवन, सुरक्षा दीवार, नाली निर्माण आदि कार्य हो चुके हैं। बाकी का कार्य अधर में लटका हुआ है।
निर्माणाधीन रोडवेज डिपो परिसर में लगे हैं मलबे के ढेर
निर्माणाधीन रोडवेज डिपो परिसर में मलबे के ढेर और बड़े-बड़े बोल्डर पड़े हुए हैं। जगह-जगह पर झाडिय़ां उगी हुई हैं। लोगों का कहना है कि शहर में रोडवेज बस डिपो न होने से लोगों को रोज जाम समेत कई दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
संकरी गली में है शहर का केएमओयू का स्टेशन
शहर का केएमओयू स्टेशन एक संकरी गली मेें स्थापित है। इसमें दर्जन भर से अधिक बसों को खड़ा करने की जगह नहीं है। संकरी जगह होने के कारण कौसानी मार्ग पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों को पैदल आने जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। वर्तमान में यहां से केएमओयू की 55 बसें संचालित हो रही हैं। केएमओयू के स्टेशन प्रभारी रविधर जोशी का कहना स्टेशन में जगह कम होने के कारण खाली गाड़ियों को पार्किंग स्थल पर खड़ा करना पड़ता है।
रोडवेज बस डिपो का 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। शासन से अवशेष धन न मिलने के कारण एक साल से कार्य बंद है। शासन से बजट मिलने पर कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। - हरिप्रकाश, परियोजना प्रबंधक पेयजल निगम सीएनडीएस ईकाई रानीखेत।
0 रोडवेज बस डिपो के निर्माण कार्य के लिए शासन से जल्दी 25 लाख की राशि अवमुक्त हो जाएगी। इसका शासनादेश आ गया है। शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। - रंजना राजगुरु, डीएम बागेश्वर ।