बागेश्वर। छत्तीसगढ़ के युवा ट्रेकर का 28 दिन बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। तलाश में यहां आए ट्रेकर के जीजा प्रियंक पटेल और चचेरे भाई तुपेश चंद्रा मंगलवार को जातोली से सुंदरढुंगा ग्लेशियर को रवाना हो गए हैं। प्रशासन की ओर से उनके साथ दो एसडीआरएफ के जवान और दो स्थानीय गाइड भेजे गए हैं।
मालूम हो कि छत्तीसगढ़ के रायपुर से 28 वर्षीय बागीश चंद्राकर ट्रेकिंग के लिए पिंडर घाटी आया था। चार सितंबर को वह खाती गांव में रुका। पांच को उसकी लोकेशन जातोली में थी। बताया जा रहा है कि छह सितंबर की सुबह साढ़े आठ बजे वह सुंगरढुंगा ग्लेशियर के लिए निकला। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। कई दिनों तक बागीश का फोन नहीं आने पर परिजनों ने उसकी ढूंढ़-खोज शुरू की। कपकोट के एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने बदियाकोट के पटवारी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम सुंदरढुंगा ग्लेशियर भेजी। रविवार को यह टीम जीरो प्वाइंट तक पहुंचने के बाद खाली हाथ लौट आई थी। इस समय छत्तीसगढ़ से आए युवक के दो रिश्तेदारों के साथ एसडीआरएफ की टीम ट्रेकिंग रूट में ढूंढ़-खोज कर रही है। ब्यूरो