काफलीगैर (बागेश्वर)। जिले के सरकारी स्कूलों में एक तरफ छात्रसंख्या घटती जा रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद विभाग छात्रसंख्या बढ़ाने में नाकाम हो रहा है। राजकीय जूनियर हाईस्कूल ओखलीसिरोद शैक्षणिक गुणवत्ता और शिक्षकों की मेहनत के दम पर क्षेत्र में मिसाल पेश कर रहा है। कभी छात्र संख्या की कमी से जूझने वाले इस विद्यालय ने इस शिक्षा सत्र में शानदार वापसी की है। विद्यालय में इस बार 21 नए छात्र-छात्राओं ने दाखिला लिया है। 15 बच्चों के आठवीं उत्तीर्ण कर अन्यत्र जाने के बाद स्कूल की कुल छात्रसंख्या अब 62 है।
स्कूल के प्रधानाध्यापक हरगोविंद भट्ट ने बताया कि विद्यालय के शिक्षकों की सक्रियता का ही परिणाम है कि काफलीगैर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से भी बच्चे यहां पढ़ने आ रहे हैं। प्रवेशोत्सव के दौरान शिक्षक स्वयं घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करते हैं, जिससे उनके बीच सरकारी विद्यालय के प्रति विश्वास बढ़ा है। वर्तमान में विद्यालय में चार शिक्षकों का स्टाफ तैनात है, जो एकजुट होकर बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दे रहे हैं। क्षेत्र में विद्यालय के आसपास करीब चार निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, उसके बावजूद ओखलीसिरोद स्कूल ने अपने बेहतर प्रबंधन और अनुशासन से अपनी अलग पहचान बनाई है। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम निजी स्कूलों से कटाकर यहां दर्ज कराया है। दूर से आने वाले बच्चों को सरकार की एस्कॉर्ट योजना का भी लाभ मिल रहा है।
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राजकीय जूनियर हाईस्कूल ओखलीसिरोद के शिक्षकों ने अनुकरणीय कार्य किया है। दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद छात्र संख्या में वृद्धि करना यह दर्शाता है कि यदि शिक्षक समर्पित हों, तो सरकारी स्कूलों के प्रति जन-विश्वास को पुनः जीवित किया जा सकता है। विभाग इस तरह के प्रयासों की सराहना करता है और अन्य विद्यालयों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। - विनय कुमार, सीईओ, बागेश्वर