बागेश्वर। मिशन अंत्योदय के तहत चयनित ग्राम पंचायतों में नियोजन की प्रक्रिया शुरू करने में 29 विभागों की कोताही और लापरवाही सामने आई है। यहां विभागीय अधिकारियों ने जिले के विकास अधिकारी तो दूर ग्राम्य विकास के प्रमुख सचिव के निर्देश भी ताख पर रख दिए हैं। अधिकांश विभाग नियोजन प्रक्रिया शुरू करना तो दूर अभी तक अदद कार्ययोजना तक तैयार नहीं कर पाए हैं।
मिशन अंत्योदय के तहत जिले के बागेश्वर, गरुड़ और कपकोट विकास खंडों की 75 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। चयनित गांवों में अवस्थापना, बुनियादी सेवा, सुविधाओं का विकास किया जाना है। इस योजना का लक्ष्य ग्राम पंचायतों में आजीविका के साधनों और सामाजिक विकास के साथ वर्ष 2022 तक गरीबी मुक्त करना है। नियोजन प्रक्रिया के तहत संबंधित विभागों को अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार करनी है।
इसके मुताबिक ग्राम पंचायतों में नियोजन की प्रक्रिया शुरू की जानी है लेकिन अभी तक नियोजन से संबंधित 29 विभाग अदद कार्ययोजना तक तैयार नहीं कर पाए हैं। विभागों की कोताही और लापरवाही को देखते हुए 11 जून को ग्राम्य विकास के प्रमुख सचिव ने वीसी के दौरान जल्द से जल्द कार्ययोजना तलब की थी। इसके बाद 12 जून को सीडीओ ने संबंधित विभागों को तय प्रारूप में कार्ययोजना पेश करने के निर्देश दिए थे लेकिन संबंधित विभागों की नाकामी के साथ ये निर्देश बेअसर साबित हुए हैं। इन हालातों के बीच मिशन अंत्योदय का लक्ष्य समय से पूरा होने की उम्मीद सवालों के घेरे में आ गई है।
सीडीओ ने विभागीय अधिकारियों के कसे पेच
मिशन अंत्योदय को लेकर विभागों की कोताही और लापरवाही पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई है। शनिवार को मिशन कार्ययोजना की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों के पेच कसे। अधिकारियों से जल्द से जल्द कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। सीडीओ एसएसएस पांगती ने बताया कि अधिकारियों को समयबद्ध रूप से कार्ययोजना तैयार करने की हिदायत दी है। निर्देश पर अमल नहीं हुआ तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।