बागेश्वर। आजादी का लंबा अंतराल बीत जाने के बावजूद कमस्यार घाटी में बहने वाली भैसूड़ी नदी के उपर एक अदद पैदल पुल का निर्माण नहीं हो सका है। बरसात में नदी उफान पर बहने से लोगों की सांसें अटक जाती हैं। गांवों में जरूरी सामान पहीं पहुंच पाता जबकि बच्चों का स्कूल जाना भी बंद हो जाता है। जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों को झूठे आश्वासन देते रहे हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने पुल का निर्माण शीघ्र न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भैसूड़ी नदी पर एक अदद पैदल पुल नहीं बन सका है। इस नदी से होकर ट्याकोट, कनार, भैसूड़ी, कपूरी, मेहरखाली, खाड़ी समेत कई अन्य गांवों के लोगों का आना जाना है। गांव में खाद्यान्न समेत अन्य जरूरी वस्तुएं इसी नदी को पार कर लानी होती हैं। स्कूली बच्चे भी इसी नदी पार करके स्कूल आते-जाते हैं। इन दिनों क्षेत्र में रोजाना बारिश हो रही है। इससे नदी का पानी बढ़ गया है। बरसात में तो नदी की लहरें आसमान छूती हैं। उस दौरान लोगों की सांसें अटक जाती हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। गांव में जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पाता है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान आने वाला हर नेता जीतने पर पुल बनवाने का आश्वासन दे जाता है। जीतने के बाद वह इस मामले में कुछ भी नहीं करता। उन्होंने विधायक बलवंत भौर्याल से नदी पर पुल का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है। निर्माण न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। इनमें कमल मेहरा, कुंदन मेहरा, भगवान मेहरा, हयात सिंह आदि हैं।