बागेश्वर। राज्य सरकार फैसले के बाद अब बागेश्वर नगरपालिका में शामिल 20 राजस्व गांवों के लोगों को परिसीमन के 10 वर्ष तक भवन कर में छूट का लाभ मिलेगा। इन गांवों से वर्ष 2028 तक भवन कर नहीं लिया जाएगा।
वर्ष 2018 में सीमा विस्तार के साथ नगर से लगे 20 राजस्व गांवों को पालिका में शामिल कर दिया गया। नगर पालिका में पहले वेणीमाधव, भीलेश्वर, दुग बाजार, ठाकुरद्वारा, बागनाथ, घटबगढ़, ज्वालादेवी वार्ड थे। इन 20 गांवों को शामिल करने के बाद वार्डों की संख्या 11 हो गई। इनमें बिलौना, नारायणदेव, ज्वालादेवी, सैम मंदिर, बागनाथ, ठाकुरद्वारा, कठायतबाड़ा, मंडलसेरा उत्तरी, मंडलसेरा दक्षिणी, मां चंडिका, वेड़ीमाधव शामिल हैं। नगर निकायों के चुनाव से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीमा विस्तार के बाद शामिल गांवों के विरोध को देखते हुए भवन कर में छूट देने की घोषणा की थी। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में छूट के निर्णय को मंजूरी मिलते ही इन गांवों के लोगों में खुशी का माहौल है।
इन इलाकों को मिलेगा लाभ
कठायतबाड़ा, भतरौला, जोग्यागीरौ, बिनवाल तिवाड़ी, बलसूना, डिगरौ, जुलकिया, कफलखेत, मजियाखेत, सैंज, द्वाली, बड़ेत, त्यूनरा, बिलौनासेरा, मेहनरबुंगा, भिटालगांव, चौरासी, गाड़गांव, छुरमल, मंडलसेरा शामिल हैं।
लोगों ने सरकार के फैसले को सराहा
बागेश्वर। भवन कर में छूट को मंजूरी मिलने पर बिलौनासेरा निवासी हरीश चंद्र पांडे, ललित मोहन पांडे, जगत सिंह, बची राम, बसंती देवी, शांति देवी, निर्मला जोशी, कठायतबाड़ा निवासी राजू मेहता, मंडलसेरा निवासी ललित बिष्ट, रमेश चंद्र ने सरकार के फैसले को सराहा है। इनका कहना है कि सरकार ने भवन कर में छूट देकर काफी हद तक राहत दी है। कहा कि सरकार को इन गांवों में धरातलीय स्तर पर काम करने की जरूरत है। तब इन गांवों को नगर निकाय में शामिल करने का उद्देश्य सफल हो सकता है।
27.72 लाख वसूलने का लक्ष्य
बागेश्वर। पालिका का इस वर्ष 27.72 लाख रुपये भवन कर वसूलने का लक्ष्य है। पालिका कर्मी फील्ड में जाकर भवन कर एकत्रित कर रहे हैं। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 10.50 लाख रुपये एकत्रित हो चुका है। हालांकि, पालिका ने नए शामिल किए गए गांवों को भवन कर निर्धारण के लक्ष्य से पहले ही बाहर रखा था।