बागेश्वर। कपकोट के दूरस्थ गांव बैछम (भद्रतुंगा) समेत कई गांवों में दीन दयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत बिजली मुहैया करानी थी। इस बाबत 19 करोड़ का बजट भी दिया गया था लेकिन अभी तक गांव में बिजली नहीं पहुंची है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विद्युतीकरण में तेजी नहीं आई तो 28 से तहसील कपकोट में प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों के मुताबिक बैछम, मिकिला, झूनी, खलझूनी गांवों में उरेडा के जरिए बिजली की आपूर्ति होती है। यह आपूर्ति भी रात को कुछ घंटों के लिए होती है। अब उरेडा के पोल भी पुराने होकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसकी वजह से कई इलाकों में ये आपूर्ति नहीं हो पाती है। वहीं बाद में दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत गांव में बिजली आने की योजना बनाई गई। ऊर्जा निगम ने पतियासार तक बिजली जोड़ दी है लेकिन इसके आगे काम नहीं हो सका है। आरोप लगाया कि जब विभागीय ठेकेदार से कहो तो बहाने बनाकर टरका देता है इससे इन गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। जबकि यहां बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी आते हैं।
बिजली नहीं होने पर सैलानी का मन उचटता है और एकमात्र व्यवसाय पर्यटन भी खत्म होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब बारिश का मौसम शुरू होने वाला है इसलिए इन गांवों में बिजली के लिए खंभे, तार, ट्रांसफार्मर आदि सामान अभी पहुंचा दिए जाए ताकि इन गांवों में भी बिजली मिल सके। चेतावनी दी कि यदि 14 मई तक पतियासार तक खंभे वगैरह नहीं पहुंचे तो 26 मई से कपकोट तहसील में धरना देंगे। चेतावनी देने वालों में भीम सिंह दानू, कमल कुमल्टा, नरेश सिंह, भगवत सिंह कोरंगा आदि शामिल थे।