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जंगल की आग से 190 गांवों की बिजली गुल

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बागेश्वर के हरसिला में जलता चीड़ का पेड़ और क्षतिग्रस्त बिजली का पोल। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। कपकोट तहसील को जोड़ने वाली 33 केवी की मुख्य बिजली की लाइन पर चीड़ का जलता पेड़ गिरने से क्षेत्र के 190 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इससे 70 हजार की आबादी प्रभावित हुई। लघु और कुटीर उद्योग धंधे ठप पड़ गए। व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा। सूचना मिलने के बाद कर्मचारियों ने लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। खबर लिखे जाने तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी।
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सोमवार सुबह करीब सात बजे हरसीला के पास पहाड़ी से चीड़ का जलता पेड़ टूटकर समीप से गुजर रहे बिजली के तारों पर गिर गया। इससे तार टूट गया और बिजली चली गई। मामले की जानकारी मिलते ही ऊर्जा निगम के कपकोट कार्यालय से मरम्मत के लिए कर्मचारी मौके के लिए रवाना हुए। लाइन की मरम्मत में जुटे कर्मचारी प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि इन दिनों क्षेत्र के जंगलों में आग लगी है। आग के कारण सूखा पेड़ पूरी तरह से जल गया और बिजली की लाइन पर आ गिरा। पेड़ गिरने के बाद बिजली के खंभे में भी शॉर्टसर्किट से आग लग गई और तार टूटकर गिर गए। पहाड़ी होने के कारण कर्मचारियों को तार जोड़ने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। इधर, बिजली गुल होने से हरसीला, कपकोट, भराड़ी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में चक्की, लघु और कुटीर उद्योगों में कामकाज ठप रहा। बिजली से जुड़े कारोबारियों का कामकाज भी प्रभावित रहा। ऑनलाइन रोजगार करने वाले लोगों और कार्यालयों के कामकाज पर भी बिजली गुल रहने का असर पड़ा।
इन गांवों में रही बिजली गुल
बागेश्वर। हरसीला के पास लाइन टूटने से कपकोट तहसील की कनलगढ़ घाटी के गांव पुड़कूनी, जगथाना, बैसानी, सुमटी, नान कन्यालीकोट, नगर पंचायत क्षेत्र के कपकोट, भराड़ी, ऐठाण, बमसेरा, हिचौड़ी, सरयू घाटी के सूपी, सौंग, मुनार, झूनी, कर्मी, पिंडर घाटी के सोराग, बदियाकोट, तीख, डोला और पोथिंग, फरसाली, गुलेर, खर्ककानातोली, गडेरा सहित पूरे क्षेत्र के गांवों में जनजीवन प्रभावित रहा।
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हरसीला के पास बिजली की लाइन पर जलता पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही कर्मचारियों को रवाना कर दिया गया। बिजली के टूटे तारों को जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही आपूर्ति सुचारु करा दी जाएगी। - भाष्कर पांडेय, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम, बागेश्वर।
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