बागेश्वर। जिला विकास प्राधिकरण के जटिल नियमों से परेशान लोगों ने अब प्राधिकरण को समाप्त किए जाने की मांग को लेकर मोर्चा गठित किया है। विभिन्न संगठनों ने आगामी उत्तरायणी मेले से प्राधिकरण के विरोध में संघर्ष की शुरूआत करने का ऐलान किया है।
रविवार को आयोजित बैठक में विभिन्न संगठनों ने जिला विकास प्राधिकरण के नियमों को काले कानून की संज्ञा देते हुए कहा कि लोगों के लिए अपनी जमीन पर मकान बनाना भी दूभर हो गया है। कई बार गुजारिश करने के बाद भी शासन, प्रशासन प्राधिकरण को समाप्त करने का प्रयास नहीं कर रहा है।
कहा कि 14 जनवरी को जिस तरह से आंदोलनकारियों ने बेगार प्रथा के रजिस्टर सरयू नदी में प्रवाहित करते हुए अंग्रेजों की बेगार प्रथा का अंत किया था उसी प्रकार प्राधिकरण के गजट नोटिफिकेशन की प्रतियों को सरयू नदी में प्रवाहित कर विरोध किया जाएगा। नेतृत्व वृक्ष प्रेमी किशन मलड़ा करेंगे। बैठक में रमेश कृषक, भाष्कर तिवारी, किशन मलड़ा, पंकज पांडे, उमेश टाकुली, जितेंद्र रावत, प्रकाश सिंह, मनोज साह, कमलेश उपाध्याय, मोहित गुप्ता, दर्वान हरड़िया, अर्जुन बनकोटी आदि थे।