बागेश्वर। 15 अगस्त को कपकोट में बिजली लाइन के करंट की चपेट में आकर जान गंवा चुके छात्र की मौत की जांच होगी। डीएम ने जांच के निर्देश जारी करने के साथ ही समिति भी बना दी है। जांच के बाद दुर्घटना की वजह सामने आएगी। यूपीसीएल के अधिकारी और कर्मचारी दोषी मिले तो कार्रवाई होगी।
शनिवार को डीएम ने कपकोट में करंट से छात्र की मौत मामले की जांच के आदेश दिए। जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें एसडीएम बागेश्वर, उरेडा के परियोजना अधिकारी और बागेश्वर के खंड विकास अधिकारी शामिल हैं। डीएम रंजना राजगुरु ने जांच समिति से 15 दिन के भीतर रिर्पोट तलब की है। बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के दिन स्कूल जा रहे छात्र मनोज करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इससे पहले भूस्खलन के चलते बिजली का पोल ढह गया था। इसके साथ ही लाइनें सड़क पर गिर गई थी। प्रथमदृष्टया यूपीसीएल को दुर्घटना का जिम्मेदार माना जा रहा है। लाइनमैन से लेकर ईई तक को पोल गिरने और लाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी तक नहीं थी।