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नाकुरी में बरसाती नाले से धान की नर्सरियां मलबे से पटी

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पूर्णागिरी मार्ग में उफनाया किरोड़ा नाला - फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। दुगनाकुरी तहसील क्षेत्र में बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश होने से मोहली, पचार गांवों में बरसाती नाला बहने से लगभग 250 नाली खेतों में धान की नर्सरियां मलबे से पट गई। पचार में दो पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई। अंधड़ से एक ग्रामीण के मकान की टिन की छत उड़ गई। क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी पिछले 24 घंटे से ठप हो गई।
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दुगनाकुरी क्षेत्र में बारिश के कारण नदी, नाले ऊफान में आ गए। मोहली गांव में सड़क का पानी बहकर धान की नर्सरियों में घुस गया। इससे पूरे खेत मलबे से पट गए। लगभग डेढ़ दर्जन परिवारों की तीन सौ नाली भूमि में रोपाई करने के लिए तैयार धान की नर्सरियां पूरी तरह से बरबाद हो गई। मोहली के ग्राम प्रधान गणेश सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क में नाली का निर्माण नहीं किया गया है। इस कारण बरसात का पानी खेतों में घुसकर इस तरह से तबाही ला रहा है। यही हाल पचार गांव में भी हुआ। यहां एक दर्जन से अधिक किसानों की धान की नर्सरियां मलबे से पट गई। पचार गांव में गधेरे के ऊफान पर आने से दो पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई। योजना के पाइप बह गए। बारिश के साथ आए अंधड़ से रैखोली गांव निवासी हरीश चंद्र के मकान के टिन की छत उड़ गई। जबकि गांव के एक गधेरे में बना पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गया। दुगनाकुरी क्षेत्र में बृहस्पतिवार की शाम से बिजली नही है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शुक्रवार को भी जमकर बरसे बादल
बागेश्वर। बृहस्पतिवार की शाम को दुगनाकुरी क्षेत्र को छोड़कर अन्य हिस्सों में हल्की बारिश हुई। कपकोट में 2.50 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इधर शुक्रवार को सुबह के समय मौसम सामान्य रहा। सुबह के समय वातावरण में धुंध नहीं होने से कई दिनों बाद दृश्यता सामान्य नजर आई। दिन में बादल घिरने के बाद अपराह्न चार बजे से जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। लगातार चार दिनों से बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट आ गई है। लगातार हो रही बारिश से सरयू और गोमती नदियों के जल स्तर में वृद्धि हुई है।
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