बागेश्वर। जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डेयरी विकास विभाग की ओर से प्रयास किए जा रह हैं। गरुड़ ब्लॉक के क्षेत्रपाल गांव में जिले का सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन हो रहा है। क्षेत्र की 140 से अधिक महिलाएं पशुपालन कर रोजाना 170 से 180 लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं।
डेयरी विकास विभाग की ओर से साल 2007 में क्षेत्रपाल गांव में दुग्ध उत्पादन समिति खोली गई। समिति खुलने के बाद क्षेत्र की महिलाओं को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में जागरूक किया गया। विभाग की ओर से पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की टीम के साथ मिलकर महिलाओं से उन्नत किस्म के दुधारू पशुओं के चयन के बारे में बताया। साल 2012 के बाद क्षेत्र के दुग्ध उत्पादन में बढ़ावा देखने को मिला। गांव में स्थापित समिति के सचिव दीपक कंसेरी ने बताया कि समिति में रोजाना सुबह दूध को एकत्र किया जाता है। उत्पादकों से गाय का दूध 35 से 52 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 45 से 65 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाता है। एकत्र दूध से विभिन्न उत्पाद बनाने के लिए उसे जिला मुख्यालय भेजा जाता है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से उत्पादकों को प्रति लीटर चार रुपये की दर से बोनस भी दिया जाता है।