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12 सड़कें बंद, 30 हजार की आबादी परेशान

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बागेश्वर। आपदा की मार से जिले में 12 सड़कें बंद रहीं। इससे 30 हजार लोग परेशान रहे। सड़कें बंद होने से कपकोट के दर्जनों गांवों के बाशिंदे यातायात सुविधा से वंचित रहे। दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग समेत सात सड़कों पर आए मलबे से यातायात बाधित रहा। इन सड़कों पर सैकड़ों वाहन कई घंटे तक फंसे रहे।


सोमवार को कपकोट-पिंडारी, भयू-गडेरा, कपकोट-पोलिंग, पोथिंग-शोभाकुंड, भानी-हरसिंग्याबगड़, खड़लेख-भनार, हरसिला-पुड़कुनी, कपकोट-कर्मी, शामा-लीती-गोगिना, शामा-लीती, लीती बाजार-लीती गांव मोटर मार्ग दिनभर ठप रहे। इससे मार्गों पर यातायात पर निर्भर कपकोट के दर्जनों गांवों के लोग वाहनों से सफर नहीं कर पाए। उन्हें गांव में ही कैद रहना पड़ा। हालांकि जरूरी हालातों में तमाम ग्रामीणों को कई किमी पैदल दूरी भी नापनी पड़ी। दूरदराज के छात्रों को स्कूल जाने में परेशानी और देरी हुई।
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दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग विजयपुर, बागेश्वर-बैजनाथ, बागेश्वर-गिरीछीना, डंगोली-सैलानी-गनीगांव, डंगोली-सैलानी, जखेड़ा-डाकघाट, बागेश्वर-कपकोट मलबा आने से बाधित रहे। इन मार्गों पर आए भारी बोल्डर और मलबे ने यातायात की रफ्तार थाम ली। इन मार्गों पर घंटों जाम से हालात रहे। सड़कों के दोनों और वाहनों की कतारें लगी रही। बाद में कार्यदायी संस्था ने मलबा हटाकर आवाजाही सुचारु की।
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बारिश से एक और मकान ध्वस्त हुआ
बागेश्वर। भारी बारिश की मार से जिले में एक और मकान ध्वस्त हो गया है। जबकि एक मकान को भारी और दूसरे को हल्का नुकसान हुआ है। प्रभावित दो परिवारों ने गांव के संबंधियों के घर शरण ली है। आपदा कर्मियों ने मुआयने के साथ ही प्रभावितों को राहत बांटी। सोमवार को कांडा तहसील के सिमतोली गांव में शेखर चंद्र कांडपाल का आवासीय मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके साथ ही राशन, बर्तन, कपड़े आदि घरेलू सामान मकान के मलबे में दब गया। प्रभावित परिवार ने गांव में ही एक संबंधी के घर शरण ली है। यहां प्रशासन ने सकन्यूणा गांव के प्रभावित नवीन राम और रमेश राम को 55-55 हजार रुपये मुआवजा बांटा। इधर गरुड़ तहसील के द्यौनाई गांव में रविवार को जगदीश राम के आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होने से राशन आदि मलबे में दब गया। प्रभावित परिवार ने गांव में ही उमा देवी के घर में शरण ली है। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को फौरी राहत दी है। उधर, दुगनाकुरी तहसील के पोठन गांव में नैन राम के आवासीय मकान को हल्का नुकसान हुआ। दूसरी ओर बागेश्वर में भारी बारिश के बीच ठाकुरद्वारा में अनिल कुमार के आंगन की दीवार गिर गई। मकान और शौचालय को खतरा है। तहसील परिसर में पेड़ गिरा गया। एक स्टांप वेंडर इसकी चपेट में आने से बोलबाल बचा। भारी बारिश से सरयू, गोमती का जलस्तर बढ़ गया।
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