बागेश्वर। मौसम की बेरुखी के कारण इस साल भी असिंचित भूमि में फसलों को नुकसान की आशंका है। जिले में बारिश नहीं होने के कारण फसलों को हुई क्षति का सर्वेक्षण शुरू हो गया है। कृषि विभाग और राजस्व विभाग की ओर से संयुक्त रूप से सर्वेक्षण किया जा रहा है। चार दिन के भीतर क्षति की रिपोर्ट मिल जाएगी।
जिले में कुल 16,662 हेक्टेयर में फसलें बोई जाती हैं। इनमें से मात्र पांच हजार हेक्टेयर भूमि ही सिंचित है, जबकि 11,662 हेक्टेयर जमीन की खेती मौसम पर निर्भर है। पिछले एक दशक से समय पर बारिश नहीं होने के कारण असिंचित जमीन की फसलें प्रभावित हो रही हैं। इस सीजन में भी मौसम की बेरुखी के कारण जिले में गेहूं और मसूर की फसलों के प्रभावित होने के आसार गहरा गए हैं। बुवाई के बाद बेहद कम बारिश हुई है।
असिंचित क्षेत्र में बीज खेतों में ही सूख गया। जो पौध बाहर निकली, वह पानी नहीं मिलने के कारण पीली पढ़ गई। इसको देखते हुए सरकार के निर्देश पर कृषि विभाग ने फसलों का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।
मुख्य कृषि अधिकारी विजय प्रकाश मौर्या ने बताया कि फसलों की बुवाई के बाद जिले में मामूली बारिश हुई है। उन्होंने बताया कि यदि अब भी अच्छी बारिश हो जाए तो असिंचित क्षेत्र की फसलों में अच्छा सुधार आ सकता है।