बागेश्वर। जन शिक्षण संस्थान और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर उत्कृष्ट भवन में संगोष्ठी हुई। गोष्ठी का विषय ‘परिवार लोगों का सशक्तीकरण और राष्ट्र विकास’ था। मुख्य अतिथि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश सिंह ने कहा कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता से ही जनसंख्या वृद्धि में कमी आ सकती है।
सीजेएम सिंह ने कहा आर्थिक सशक्तीकरण महिलाओं की क्षमता को बढ़ाता है और उनकी सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित होती है। कहा कि लोगों के पास मकान हैं, लेकिन खेत नहीं हैं। ऐसे में भविष्य में खाद्यान्न का संकट हो सकता है। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन होना जरूरी है। डॉ. किरन दानू ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए सुरक्षित और शैक्षिक परिवार नियोजन हर एक नागरिक का काम है। लोगों में बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी समस्याओं और खतरों के बारे जागरूकता लानी होगी।
जन शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ. जितेंद्र तिवारी ने कहा कि 1991 से 2000 तक भारत की जनसंख्या वृद्धि दर 21.54 थी, जो अब 2001 से 2011 तक घटकर 17.64 फीसदी हो गई है। बावजूद यह अनुमान लगाया गया है कि 2026 तक 40 करोड़ अतिरिक्त लोगों का दबाव हमारे सीमित साधनों पर बढ़ जाएगा। डॉ. शरद भट्ट ने भी विचार रखे। संचालन जीबी उपाध्याय ने किया। संगोष्ठी में नरेंद्र खेतवाल, चंदू नेगी, रश्मि देव, दिवाकर वर्मा आदि थे।