बागेश्वर जिले में कई घरों में चूल्हे के धुएं में उज्ज्वला योजना दम तोड़ रही है। गैस सिलिंडर भराने का खर्च वहन नहीं कर पाने से अधिकतर उपभोक्ता योजना का लाभ नहीं उठा रहे हैं। हालात यह हैं कि जिले में 1631 उपभोक्ताओं ने एक साल से उज्ज्वला गैस सिलिंडर भरवाया ही नहीं है।
एक मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना शुरू की थी। इसके तहत उन्हें निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए। जिले में 10,803 महिलाओं को योजना का लाभ मिला। बावजूद इसके कई उपभोक्ता सिलिंडर नहीं भरवा पा रहे हैं। अधिकतर मामलों में गरीबी सिलिंडर भरवाने के आड़े आ रही है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का मानना है कि सिलिंडर भरवाने से कहीं कम खर्च में लकड़ी पर भोजन बन जाता है।
दाम बहुत बढ़ गए हैं
गांव तक लाना महंगा पड़ रहा है
पहले ही सिलिंडर के दाम अधिक हैं फिर सड़क से सिलिंडर भरवाकर गांव तक लाना काफी महंगा पड़ता है। इससे सस्ती तो लकड़ी बैठती है। सरकार को सिलिंडर भी मुफ्त में भराना चाहिए था।
एजेंसीवार उपभोक्ताओं की स्थिति
गैस एजेंसी - कुल उपभोक्ता - सिलिंडर रिफिल नहीं कराने वालों की संख्या
बागेश्वर - 2830 - 474
गरुड़ - 2458 - 498
कांडा - 1877 - 215
कपकोट - 3638 - 444
उज्ज्वला योजना के कुछ सिलिंडर रिफिल नहीं होने का बड़ा कारण गांवों में चूल्हे पर खाना बनाना है। उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं को 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है। ऐसे में उनके लिए सिलिंडर सामान्य उपभोक्ताओं की तुलना में काफी सस्ता है। नियमित सिलिंडर नहीं भरवाने पर कंपनी कनेक्शन काट भी सकती है।