फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंगचौड़ा जूनियर हाईस्कूल में एक छात्र को पढ़ाने के लिए तीन अध्यापक

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कांडा (बागेश्वर)। जिले में शिक्षा व्यवस्था का अजीबो गरीब हाल है। एक तरफ जिले में कई स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ स्कूल ऐसे हैं जहां छात्र कम शिक्षक ज्यादा हैं। जूनियर हाईस्कूल पंगचौड़ा शिक्षा विभाग की इस बेढंगी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। एक छात्र संख्या वाले इस स्कूल में विभाग ने तीन शिक्षक तैनात किए हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में शिक्षा अधिकारी भी मौन हैं।

साल 2004-05 में पंगचौड़ा में जूनियर हाईस्कूल खुला था। तब से यहां छात्रों की संख्या में गिरावट है। इस स्कूल में
शिक्षण सत्र 2017-18 में 16 विद्यार्थी थे। पिछले शिक्षण सत्र 2018-19 यह संख्या घटकर आठ हो गई। इस शिक्षण सत्र 2019-20 में यह संख्या एक छात्र पर सिमट कर रह गई है। कक्षा छह से आठ तक सिर्फ एक ही छात्र है। वर्तमान सत्र में इस स्कूल में सातवीं क्लास में सिर्फ एक छात्र ने प्रवेश लिया है। बाकी सभी क्लासों में एक भी छात्र नहीं है। हैरानी की बात तो यह है कि इस एक छात्र को पढ़ाने के लिए तीन अध्यापकों की तैनाती की गई है।
विज्ञापन


यह स्थिति तब है जबकि कपकोट, गरुड़ के दूरस्थ क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। ऐसे में यदि इन शिक्षकों का तबादला शिक्षकों की कमी से जूझ रहे अन्य स्कूलों में किया जाय तो वहां के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
विज्ञापन


एकमात्र छात्र भी मांग रहा टीसी
सूत्रों की मानें तो इस विद्यालय में अध्ययनरत एक मात्र छात्र ने भी स्कूल से नाम कटवाने के लिए अध्यापकों से टीसी मांगी थी। लेकिन शिक्षकों ने उसे किसी तरह मना लिया। लेकिन यह छात्र भी दूसरे स्कूल में पढ़ने की तैयारी में है।

मानकों के अनुसार जूनियर हाईस्कूल में तीन शिक्षक होते हैं। छात्र संख्या शून्य होने पर शिक्षकों को अन्यत्र समायोजित किया जाएगा।
हरीश चंद्र सिंह रावत, मुख्य शिक्षाधिकारी बागेश्वर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें