बागेश्वर। स्कूल बस संचालन में मानकों का ध्यान नहीं रखने वाले स्कूलों के खिलाफ संभागीय परिवहन विभाग कार्रवाई करेगा। अभिभावकों ने बसों में निर्धारित मानक पूरा नहीं करने व ओवर लोडिंग की शिकायत की है।
कठपुड़ियाछीना में कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल की बस के पहाड़ से टकराने व कुछ बच्चों के चोटिल होने की घटना के बाद हरकत में आए परिवहन विभाग ने निजी स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया है। शनिवार को कठपुड़ियाछीना के कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल की बस कभड़ा के पास चौंरा बैंड में एक जीप को बचाने के चक्कर में पहाड़ी से टकरा गई थी। बच्चों से खचाखच भरी बस के पहाड़ से टकराने से बस में सवार दो बच्चों को चोट आई जबकि अन्य बच्चे दुर्घटना से घबरा गए थे। स्कूल प्रबंधन ने सभी बच्चों को बागेश्वर जिला अस्पताल लाकर उनका चेकअप कराया। इधर परिवहन विभाग ने स्कूल बसों के खिलाफ अभियान चलाने का फैसला लिया है। वरिष्ठ सहायक निश्चय जोशी ने बताया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह हैं स्कूल बस के मानक
- बसों में जीपीएस सिस्टम लगा हो
- बस में सीसीटीवी कैमरे लगे हों
- स्पीड गवर्नर लगाया जाना जरूरी है।
- निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे न बिठाए जाएं
कोट
स्कूल संचालकों को पहले ही चेतावनी दी है कि वह बसों में निर्धारित मानक पूरा करने के बाद ही बस संचालित करें। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। जल्द ही अभियान चलाकर स्कूल बसों के मानक चैक किए जाएंगे।
- केसी पलड़िया, एआरटीओ
सभी घायल बच्चों को घर भेजा
कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल कठपुड़ियाछीना के प्रबंधन ने दुर्घटना में चोटिल हुए सभी बच्चों को जिला अस्पताल में चैकअप के बाद घर भेज दिया है। स्कूल प्रबंधक शंकर पांडे ने बताया कि जीप को बचाने के चक्कर में स्कूल बस पहाड़ से टकरा गई थी। बस में सवार दो बच्चों को मामूली चोट आई थी जिनका उपचार कर उन्हें घर भेज दिया है। अन्य बच्चे घबरा गए थे। ऐहतियातन उन्हें भी अस्पताल लाकर चेक कराया गया। सभी बच्चे ठीक हैं।
लापरवाही पर चालक हटाया
कंट्रीवाइड संस्थान ने दुर्घटना के बाद चालक लीलाधर को पद से हटा दिया है। प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है। प्रबंधन ने उनके स्थान पर दूसरा चालक नियुक्त कर लिया है।
अभिभावकों ने लगाया ओवर लोड का आरोप
कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के अभिभावकों ने स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का आरोप लगाया है। कहा कि बच्चों से स्कूल बस की पूरी फीस ली जाती है। लेकिन बस में क्षमता से अधिक बच्चे बिठाये जाते हैं। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी है।