बागेश्वर। तेंदुए के आतंक से निजात दिला पाने में नाकाम वन विभाग ने पुलिस, राजस्व पुलिस से मदद मांगी है। प्रशासन ने वन विभाग को मदद का भरोसा दिलाते हुए टीम गठित करने के आदेश दिए हैं।
द्यांगण गांव सहित आस पास के गांवों में बीते कई महीनों से तेंदुआ का आतंक बना हुआ है। शहर के बीचों बीच भी तेंदुए का आतंक बना हुआ है। तेंदुआ बीते दो माह के भीतर ही दो बच्चों को अपना शिकार बना चुका है जबकि तेंदुए के आतंक के चलते एक किशोर की खाई में गिर जाने से दर्दनाक मौत हो चुकी है।
तीन बच्चों की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को तीन घंटे तक एनएच में जाम लगाया था। इन घटनाओं के बाद भी तेंदुए का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वन विभाग ने अब रेग्यूलर व राजस्व पुलिस से मदद मांगी है। जिला प्रशासन ने वन विभाग को मदद का भरोसा दिलाते हुए रेग्यूलर, राजस्व पुलिस की टीमें गठित की हैं।
वन विभाग के पास कर्मचारियों का अभाव है जिस कारण रात्रि में लगातार पेट्रोलिंग कर पाना मुश्किल हो रहा है। रेग्यूलर, राजस्व पुलिस से मदद मांगी है। जल्द ही कई टीमें गठित कर तेंदुए के आतंक से निबटा जाएगा।
- आरके सिंह, डीएफओ बागेश्वर।