कांडा (बागेश्वर)। चार साल पहले कांडा में बने जल संस्थान कार्यालय में आजतक कर्मचारियों और अभियंताओं की तैनाती नहीं हो सकी है। कार्यालय एक कनिष्ठ लिपिक के भरोसे है। वहां न तो कंप्यूटर है न ही स्टेशनरी। लोग विभागीय समस्याओं के समाधान के लिए 25 से 60 किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। गुस्साए लोगों ने प्रशासन से कार्यालय में कार्मिकों की शीघ्र तैनाती करने की मांग की है। कहा कि यदि यह संभव न हो तो कार्यालय को ही बंद कर दिया जाए।
14 नवंबर 2014 को कांडा में जल संस्थान का कार्यालय तो खुल खुल गया लेकिन कार्मिकों की तैनाती आज तक नहीं हो सकी है। कार्मिक और अभियंता न होने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र में पीने के पानी के कई कनेक्शन हैं। स्थानीय आधार पर समस्याओं का समाधान न होने पर उपभोक्ताओं को 25 से 60 किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। लोगों ने शासन से कार्यालय में शीघ्र कर्मचारियों की तैनाती करने की मांग की है। वहां बंशीधर कांडपाल, हीरा कर्म्याल, वीरेंद्र नगरकोटी, आलम मेहरा, दीप कांडपाल, दीपक दीप चंद्र, दीप कांडपाल आदि थे।