बागेश्वर। जिलाधिकारी रंजना ने जिले में गरीब ,असहाय, निराश्रित और बाल मजदूरी कर रहे बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास, संरक्षण के लिए गठित बाल संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक की। कहा कि गरीब बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समेकित बाल संरक्षण योजना संचालित है। जिला प्रोवेशन अधिकारी/ जिला बाल संरक्षण अधिकारी ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक प्रमुख की अध्यक्षता में और ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित कर लोगों को बाल संरक्षण योजना की जानकारी दें।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ने प्रोवेशन अधिकारी को हर तीसरे माह बाल संरक्षण अधिकार अधिनियम के तहत गठित समिति की बैठक करने के निर्देश दिए। ग्रामीण स्तर पर जानकारी के लिए ग्राम प्रधानों को पत्र जारी करने, शिक्षा अधिकारी को निजी विद्यालयों में अभिभावक संघ की बैठक में प्रधानाचार्य की ओर से बच्चों को सुरक्षा व संरक्षण की जानकारी देने, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को स्कूल बसों में मानक के अनुसार बच्चों के बैठने की व्यवस्था देखने के निर्देश दिए। बाल कल्याण समिति, ईओ को भी आवश्यक निर्देश दिए।
पुलिस थानों, चिकित्सालयों में फ्लैक्सी, केबिल टीवी के माध्यम से बाल संरक्षण का प्रचार करने को कहा। वहां आयोग के सदस्य ललित दोसाद, डॉ. वीएल आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष शेर सिंह गढिया, सांसद प्रतिनिधि कुंदन परिहार, सीडीओ केएन तिवारी, सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट, समिति के सदस्य जगदीश जोशी आदि थे। संचालन जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल ने किया।