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तीन दिन की छुट्टी मांगी दो माह बाद भी न लौटा

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बागेश्वर। श्याम लाल साह गंगोला जिला अस्पताल में तीन दिन की छुट्टी पर गए एक डॉक्टर दो माह बाद भी ड्यूटी पर नहीं लौटे। डॉक्टर के न होने से रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के पीएमएस ने इस मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखकर सूचना दे दी है।
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श्याम लाल साह गंगोला जिला अस्पताल बागेश्वर के डा. सैमुुउल हक दो माह से अनुपस्थित चल रहे हैं। डॉ. सैमुउल तीन दिन की छुट्टी पर गए थे लेकिन दो माह बाद भी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। डाक्टर के अभाव में अस्पताल आने वाले रोगियों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।

जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. टीडी रखोलिया ने बताया कि डा. सैमुउल हक तीन दिन की छुट्टी पर गए थे लेकिन दो महीने बाद भी वह ड्यूटी पर नहीं लौटे। डाक्टर के लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर पीएमएस ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखकर सूचना दे दी है।
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डॉक्टरों के एक चौथाई पद खाली
बागेश्वर। पहाड़ के दूरस्थ बागेश्वर जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जिले के अस्पतालों में डाक्टरों और विशेषज्ञ डाक्टरों के 104 पद स्वीकृत हैं लेकिन 25 पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं।

जिले में श्याम लाल साह गंगोला जिला अस्पताल के अलावा बैजनाथ, कांडा, कपकोट में सीएचसी, 15 अतिरिक्त पीएचसी व पीएचसी और 14 राजकीय एलोपैथिक अस्पताल हैं। इनमें डाक्टरों के 104 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 60 नियमित, 12 संविदा और सात दंत चिकित्सक कार्यरत हैं, जबकि 25 पद अभी खाली हैं।

अकेले जिला अस्पताल में कार्डियोलाजिस्ट, चर्म रोग विशेषज्ञ, महिला चिकित्साधिकारी और फिजिशियन नहीं हैं। इसके अलावा अन्य अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट, डेंटल सर्जन आदि नहीं होने से रोगियों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।

कोट - डाक्टरों के खाली पदों की सूचना स्वास्थ्य महानिदेशक को दी गई है। अस्पतालों में डाक्टरों के खाली पद शासन स्तर से भरे जाते हैं। खाली पदों पर नियुक्ति होने से कुछ हद तक राहत मिलेगी। - डा. जेसी मंडल, मुख्य चिकित्साधिकारी बागेश्वर।
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