बागेश्वर। नवनिर्वाचित पालिका बोर्ड के समक्ष अपार चुनौतियां हैं। नगर के विकास के साथ ही हाल ही में पालिका में शामिल किए गए ग्रामीणों की नाराजगी दूर करते हुए उन क्षेत्रों का भी विकास कराना बड़ी चुनौती होगी।
नगर क्षेत्र में सीवर लाइन, रोप वे का निर्माण सहित पार्किंग सुविधा मुहैया कराने की मांग वर्षों से चली आ रही है। धार्मिक पर्यटन के लिए बागेश्वर का विकास, कृत्रिम झील का निर्माण कर पर्यटन को बढ़ावा देने, मंडलसेरा, बिलौना, नदीगांव, माजियाखेत आदि स्थानों में जल भराव की समस्या से निजात दिलाना भी नव निर्वाचित बोर्ड के लिए चुनौती होगी। नगर पालिका के विस्तार के बाद बड़े क्षेत्र में सफाई व पथ प्रकाश व्यवस्था का ध्यान रखना बड़ी चुनौती होगी।
पूर्व में नगर पालिका के सीमित क्षेत्र में ही सफाई, कूड़ा निस्तारण, पथ प्रकाश व्यवस्था में नगर पालिका खरी नहीं उतर पाती थी। साथ ही नगर पालिका अक्सर लोगों के निशाने पर रहती थी। अब बड़े क्षेत्र में सफाई, कूड़ा निस्तारण सहित पथ प्रकाश पर ध्यान देना नए अध्यक्ष के लिए काफी मुश्किल होगा। इसके अलावा नव निर्वाचित बोर्ड में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी जीता है। जबकि वार्डों में भाजपा के साथ ही बसपा, कांग्रेस और निर्दलियों ने भी जीत हासिल की है। ऐसे मेें विरोधी विचारधारा के साथ प्रतिद्वंद्वियों से तालमेल बिठाने की भी चुनौती रहेगी। खासकर बहुदलीय बोर्ड में सदस्यों को साधने की चुनौती अध्यक्ष पर होगी।