बागेश्वर। टनकपुर- बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को एक माह बीत गया है, लेकिन सरकार के जिम्मेदार प्रतिनिधियों द्वारा सुध नहीं लेने से आंदोलनकारी आहत हैं। संघर्ष समिति ने शासन प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैये की निंदा की है।
तहसील सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक माह पूरा होने के बाद भी शासन व प्रशासन के जिम्मेदार लोगों ने आंदोलनकारियों की तरफ देखना भी उचित नहीं समझा। जबकि टनकपुर- बागेश्वर रेल लाइन की मांग जनता से जुड़ी हुई है। ब्रिटिश काल से ही यह परियोजना प्रस्तावित है। जनता के संघर्ष के बाद पूर्ववर्ती केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परियोजना में शामिल किया था। उपेक्षापूर्ण रवैये की निंदा की गई।
शनिवार को अनशन में आनंद बल्लभ तिवारी तथा प्रकाश कोरंगा बैठे। अध्यक्षता नीमा दफौटी व संचालन खड़क राम आर्य ने किया। कांग्रेस प्रदेश सचिव व पूर्व जिपं सदस्य महेश कांडपाल ने भी रेल आंदोलन को समर्थन दिया। इस मौके पर डुंगर सिंह नेगी, केवल ड्योड़ी, डीआर आर्य, अशोक भंडारी, प्रकाश कोरंगा, सरस्वती गैलाकोटी, दिनेश लोहनी, सुरेंद्र पिलख्वाल आदि थे।