बागेश्वर। शिक्षा विभाग की कारगुजारी हरकोट में खुलकर सामने आई है। शिक्षक को दो साल से लापता बताकर वेतन रोकने का आदेश जारी करने वाले विभाग को अब ध्यान आया कि शिक्षक को व्यवस्था के तहत प्राथमिक विद्यालय लेटी भेजा गया है। विभाग ने अब शिक्षक को वापस बुलाया है। शिक्षक राजेंद्र सिंह 18 सितंबर को वापस हरकोट पहुंचकर चार्ज लेंगे।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरकोट में दो साल पहले शिक्षक राजेंद्र सिंह को प्रोन्नति के तहत भेजा गया था। विभाग ने इन्हें इसके बाद प्राथमिक विद्यालय लेटी जाने के लिए कह दिया। रिलीवर न होने के कारण शिक्षक राजेंद्र सिंह लेटी में ही अटक कर रह गए। इधर, हरकोट के एकमात्र शिक्षक का भी तबादला हुआ तो बच्चों की पढ़ाई ठप होने से डरे ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी। इन्होंने बुधवार को डीएम और जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक को बाकायदा ज्ञापन भी सौंपा। उस समय शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि राजेंद्र सिंह दो साल से लापता हैं और उनका वेतन रोकने का आदेश जारी किया गया है।
बृहस्पतिवार को यह पूरा मामला खुलकर सामने आया। मुख्य शिक्षा अधिकारी बागेश्वर हरीश रावत ने बताया कि राजेंद्र सिंह को हरकोट से प्राथमिक विद्यालय लेटी जाने के लिए कहा गया था। लेटी में वे दो साल से पढ़ा भी रहे हैं। इस विद्यालय में रिलीवर न मिलने के कारण उनकी वापसी नहीं हो पाई। खुद शिक्षक राजेंद्र सिंह का भी यही कहना है। शिक्षा विभाग ने अब शिक्षक को 18 सितंबर को हरकोट में ज्वाइन करने को कहा है। गांव के लोगों का कहना है कि हरकोट के दूसरे शिक्षक का तबादला भी निरस्त किया जाए।