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दो जिलों को जोड़ने वाली सड़क तैयार पर नहीं चलती एक अदद बस

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बागेश्वर। बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले के कई गांवों को जोड़ने वाली पत्रकार जगमोहन पांडे बागेश्वर-गिरेछीना सड़क काफी पहले बनकर तैयार हो चुकी है। विडंबना है कि सड़क में न तो केमू की बस चलती है न ही रोडवेज की। केमू के चालक बस चलाने को तैयार हैं लेकिन सड़क केेमू के परमिटों में नहीं चढ़ सकी है। लोगों का कहना है कि इस सड़क से सोमेश्वर की दूरी वाया गिरेछीना 18 किमी कम होने के साथ ही किराया भी 20 रुपये कम पड़ेगा। इससे लोगों को फायदा होगा। सड़क पर बस चलाने की कई बार मांग के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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32 किमी लंबी बागेश्वर-गिरेछीना सड़क का निर्माण काफी पहले हो चुका है। यहां से सोमेश्वर तक सड़क में डामर भी हुआ है। आरटीओ ने सड़क को पास भी कर दिया है लेकिन केमू प्रबंधन इस सड़क को आज तक बसों के परमिटों में अंकित नहीं करा सका है। जिला मुख्यालय से सोमेश्वर की दूरी 32 किमी जबकि वाया गरुड़ 50 किमी है। केमू की बस से सोमेश्वर वाया गरुड़ से होकर जाने में 50 रुपया जबकि वाया गिरेछीना से होकर जाने पर 32 रुपये देने पड़ेंगे।

गिरेछीना से होकर जाने में अल्मोड़ा, रानीखेत और हल्द्वानी की दूरी भी कम नापनी पड़ेगी। बस के चलने से लोगों के अल्मोड़ा और रानीखेत में दो दिन में होने वाले काम एक ही दिन में हो जाएंगे। सड़क से इस जिले के अमसरकोट, बिजौरी, बोरगांव, धारी, डोबा, गड़िया, फल्यांटी, गिरेछीना, बमटना और लेटी जबकि अल्मोड़ा जिले के आगर, भूलगांव, खरकालागांव, नाकोट, रिस्यारागांव, फलयांटी, बजलीगांव, आगर और बैगनियां आदि गांव जुड़े हैं। बस नहीं चलने से लोग जीपों की महंगी यात्रा कर रहे हैं। गांव गरीब महिला उत्थान मंच के अध्यक्ष विशन सिंह टंगड़िया का कहना है सड़क पर बसें चलने से गांवों में उत्पादित शाकभाजी, दूध और फल भी बाजार तक पहुंचेंगे।
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पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है सड़क
बहुउद्देशीय बागेश्वर-गिरेछीना सड़क पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्व रखती है। इस सड़क में गिरेछीना काफी ऊंचाई पर है। यहां से हिमालय की लंबी श्रृृंखला की मनोरम छटा दिखाई देती है। मौसम के साफ रहने पर लोग हिमालय के सौंदर्य को अपने कैमरों में कैद कर ले जाते हैं। इसके अलावा यहां से सुदूरवर्ती कई इलाके भी दिखाई देते हैं।
कोट
सड़क बस चलाने के लिए फिट है। इस रूट के लिए बस भी तैयार कर ली गई हैं लेकिन सड़क अभी बसों के परमिटों में नहीं चढ़ सकी है। इसके लिए प्रधान कार्यालय स्तर से प्रयास चल रहे हैं। सड़क के बसों के परमिट में चढ़ते ही बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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-धरनीधर जोशी स्टेशन प्रभारी केमू बागेश्वर
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