बागेश्वर। बागेश्वर नगर, आसपास के क्षेत्रों में पानी केे लिए हाहाकार मचा है। आम जन तो छोड़िए डीएम और एसपी आवास में तक पानी नहीं आ रहा। जल संस्थान की नाकामी के इतर पानी के लिए परेशान बाशिंदों ने नदी में डेरा डाल दिया है। इन हालातों में दिनभर सरयू और गोमती नदी में धोबी घाट सा नजारा रहा। क्षेत्रवासी नदी का दूषित जल बिना ट्रीटमेंट इस्तेमाल पर मजबूर हो गए हैं। प्राकृतिक स्रोतों पर दिनभर कतारें लगी रही।
रविवार को बढ़ती गर्मी के बीच मंडलसेरा खासकर जीतनगर, बनखोला के बाशिंदे पानी के लिए नदी में उतर पड़े। बड़ी तादाद में लोग खासकर महिलाएं गंदे कपड़े यहां तक कि झूठे बर्तन धोने के लिए नदी तट पर पहुंचे। इससे सरयू नदी तट पर दिनभर धोबीघाट सा नजारा नजर आया।
इस दौरान पानी के लिए परेशान क्षेत्रवासियों में सरकारी मशीनरी के प्रति नाराजगी भी सामने आई। लोग नदी से पानी ढोते हुए प्रशासन और विभाग को कोस रहे थे। चौरासी, कठायतबाड़ा, दुग बाजार क्षेत्र में भी लोग दिनभर पानी के लिए परेशान रहे। सूरजकुंड का पंप फुंकने से डीएम, एसपी आवास में चौथे दिन भी पानी नहीं आया। कोतवाली, स्टाफ र्क्वाटर का भी यही हाल रहा। प्राकृतिक स्रोतों पर दिनभर पेयजल भरने वालों की कतार लगी रही। जल संस्थान के टैँकरों से पानी भरने की होड़ लगी रही।
नगरीय आबादी की रोजाना पेयजल मांग- 4.54 एमएलडी
सात योजनाओं के जरिये मिल रहा पानी- 2.77 एमएलडी
नगरीय क्षेत्र में रोजाना पानी की कमी- 1.77 एमएलडी
34 हजार की आबादी को एक दिन छोड़ मिल रहा पानी
4 हजार की आबादी को एक दिन छोड़कर आपूर्ति हो रही है। हालांकि तीसरे दिन हो रही आपूर्ति भी नाकाफी बनी है। ईई नंद किशोर का कहना है कि पेयजल स्रोतों से कम पानी मिलने के चलते निर्बाध आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
दो दर्जन से ज्यादा गांवों में पेयजल संकट गहराया
गरुड़ (बागेश्वर)। भीषण गर्मी पड़ने से अणां वानणा पेयजल योजना सहित ठप पड़ गई है। विकास खंड के दो दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। बैजनाथ के ग्रामीण गोमती नदी का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हो हैं। पानी उपलब्ध नहीं होने से निर्माण कार्य भी प्रभावित हो गए हैं।
तहसील क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने से गरुड़, पचना, बिमोला, गढ़सेर, नौघर, अणां, मेलाडुंगरी, बिनखोली, चनोली, मन्यूड़ा, डंगोली, सिल्ली, पाये, दर्शानी, खडेरिया, वज्यूला, दुदिला, जिजोली, सेणू, कमलेख, रामपुर, कोंठू, नरग्वाड़ी, गलई, कंधार आदि गांवों के पेयजल स्रोतों में पानी कम हो गया है। जल संस्थान और स्वजल की योजनाओं से चौबीस घंटे में मात्र बीस पच्चीस मिनट पानी की आपूर्ति हो रही है। ग्रामीण इलाके नौलों में पानी काफी कम हो गया है। बैजनाथ गांव में जल संस्थान की योजना नहीं होने से गांव के लोग गोमती नदी का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर है।
मेलाडुंगरी के प्रधान बलवंत सिंह भंडारी, डंगोली के प्रधान हीरा सिंह बोरा ने बताया कि उनके गांव के जल स्रोत में पानी काफी कम हो गया है। जल संस्थान की योजना से दस पंद्रह मिनट पानी मिल रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता अशोक कुमार भट्ट ने बताया कि अणां बानणा पेयजल योजना के जल स्रोत गरुड़ गंगा और बानणा में पानी काफी कम हो गया है। नगरीय इलाके में दूसरे या तीसरे दिन पानी की आपूर्ति हो रही है।