बागेश्वर। छोटी दिवाली की देर शाम नगर से सटे द्यांगण के एक परिवार के लिए त्यौहार मातम में बदल गया। यहां तेंदुआ घर के आंगन से एक मासूम बालक को दबोच कर ले गया। ग्रामीणों के पीछा करने पर तेंदुआ बालक को मरणासन्न हालत में घर से 50 मीटर दूर छोड़ गया। जिला अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा काटा और वन विभाग के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी।
मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे द्यांगण निवासी सुंदर सिंह के पांच वर्षीय बेटे करन के बाहर से घर के एक कमरे के दरवाजे पर पहुंचते ही घात लगाया तेंदुआ उसे उठा ले गया। मासूम की चीख सुनकर मां रेखा बाहर आईं तो देखा कि तेंदुआ मासूम को जबड़ों में दबोच जंगल की ओर जा रहा था। इसके बाद ग्रामीणों ने हो हल्ला मचाते हुए लाठी-डंडे और टॉर्च लेकर तेंदुए का पीछा शुरू कर दिया।
इस बीच खुद को खतरे में भांपकर तेंदुआ करन को मरणासन्न हालत में एक नाले में छोड़कर चला गया। ग्रामीण लहूलुहान मासूम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, आदमखोर के एक और हमले में मासूम की मौत पर क्षेत्रवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने विभाग की लापरवाही को घटना का कारण बताया। कहा कि बार-बार खतरा बताने पर भी वन विभाग ने बचाव के इंतजाम नहीं किए। नतीजतन एक और मासूम को जान गंवानी पड़ी।
इस बीच विधायक चंदन रामदास, जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण आदि जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने जल्द आदमखोर के आतंक से निजात दिलाने का भरोसा दिलाया। मृतक करन दो भाईयों में छोटा था। वह सैनिक हाईस्कूल में नर्सरी का छात्र था। माता-पिता मजदूरी कर घर चलाते हैं। घटना के बाद मां रेखा सदमे में है जबकि बड़े भाई का रोरोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आदमखोर को मार गिराने की मांग की है।
घटना के घंटों बाद भी नदारद रहे वन कर्मी
बागेश्वर। घटना के घंटों बाद भी वन कर्मी नदारद रहे। एक और मासूम के मारे जाने के घंटों बाद भी वन कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। देर शाम सात बजे तक वन कर्मी जिला अस्पताल में मासूम का शव देखने और परिवार को दिलासा देने तक नहीं पहुुंचे थे। इतना ही नहीं, डीएफओ आरके सिंह का भी कुछ अतापता नहीं था। घटना के डेढ़ घंटे बाद भी वन अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया। विभाग के इस रवैये पर लोगों ने नाराजग जताई। उन्होंने विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस साल मासूमों की मौत की पांचवीं घटना
बागेश्वर। इस साल जिले में आदमखोर तेंदुए पांच मासूमों को मौत के घाट उतार चुके हैं। अभी नौ सितंबर को नदीगांव में मासूम बालिका को शिकार बनाने की घटना क्षेत्रवासियों के जेहन में ताजा ही थी कि तेंदुए ने एक और मासूम को मौत के घाट उतार डाला। इससे पहले आदमखोर गरुड़ के सलखन्यारी में एक जबकि हरिनगरी में दो मासूमों को मार चुका है। हाल ही में विभाग ने नदीगांव के आदमखोर को मार गिराने का दावा किया था। इसके बावजूद एक और हमले से वन विभाग के दावों पर सवाल उठे हैं। क्षेत्र में एक से अधिक आदमखोरों की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है।