बागेश्वर। प्री मानसून की बारिश न होने और लगातार पारा चढ़ने से जंगल में आग फिर धधकने लगी है। कांडाधार और लकड़ीथल के जंगल आग की चपेट में आ गए हैं। इन जंगलों में आग से बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान हुआ है।
शनिवार देर शाम कांडाधार और लकड़ीथल के जंगल में आग भड़क उठी। रातभर इन जंगलों में आग धधकती रही। वन क्षेत्र में बिखरे पिरुल और घास-फूस ने आग में घी का काम किया। नतीजतन कई हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ गए। रविवार को भी इन जंगलों में आग धधकती रही। इधर, रेंजर एनडी पांडेय की अगुवाई में वन कर्मी आग बुझाने में जुट गए। कड़ी मशक्कत के बाद वन कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
आग से घास के लुट्टे हुए खाक
रविवार दोपहर बिलौना निवासी मुन्ना फर्त्याल के घास के तीन लूट्टों में आग लग गई। देखते ही देखते घास के लुट्टे खाक हो गए। घास के साथ ही पास रखे लकड़ी के 20 गठ्ठर भी कोयले में तब्दील हो गए। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।