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आपदा की मार से 14 सड़कें बंद, 30 हजार लोग परेशान

Sun, 26 Aug 2018 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
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ागेश्वर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आया मलबा। - फोटो : अमर उजाला
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भूस्खलन और भारी मलबा आने से जिले के 14 मोटर मार्ग बंद रहे। इससे आवाजाही के लिए इन सड़कों पर निर्भर दर्जनों गांवों के लोग यातायात सेवा से वंचित रहे। जरूरी हालातों में तमाम ग्रामीणों ने जोखिम के बीच कई किमी पैदल दूरी भी नापी। सड़कें बंद होने से 30 हजार लोग परेशान रहे। 
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रविवार को हुई बारिश से हुए भूस्खलन एवं मलबा आने के कारण जिले में कई और सड़कें बंद हो गई। इनके साथ जिले में बंद सड़कों का आंकड़ा बढ़कर 14 पहुंच गया। इन सड़कों पर दिनभर यातायात पूरी ठप रहा। यातायात के लिए इन पर पर निर्भर लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ा।  ग्रामीण इलाकों का आपसी संपर्क टूटने से लोग गांवों में कैद रहने के लिए मजबूर हैं।

इधर कपकोट में भारी बारिश के बीच लीती-गोगिना मोटर मार्ग सतगढ़ के पास नाले में तब्दील हो गया। सड़क पर मलबा जमा होने से यातायात प्रभावित रहा। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से मल्खा डुर्गरचा, गोगिना, कीमू, रातिरकेटी आदि ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़  रहा है। उन्होंने प्रशासन से सड़क की मरम्मत करने की मांग की है।  
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एक मकान गिरा, एक क्षतिग्रस्त 
बागेश्वर। भारी बारिश के बीच जिले में दो और मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनमें से एक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रभावित परिवार से गांव में संबंधी के घर शरण ली है। जबकि दूसरे को हल्का नुकसान पहुंचा। प्रभावितों ने प्रशासन से जल्द राहत की मांग की है। 
रविवार को बारिश के बीच बागेश्वर तहसील के उडेरा गंाव में हीरा सिंह का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि जौलगांव में सुंदर सिंह के मकान को हल्का नुकसान पहुंचा। वहीं, सिमखेत में नवीन राम की गोशाला ध्वस्त हो गई। सूचना पर राजस्व कर्मियों ने मौका मुआयना कर नुकसान का आकलन किया। दूसरी ओर कांडा के धपोलासेरा गांव में विशन सिंह धपोला के मकान को भूस्खलन के चलते खतरा बना है। प्रभावित ने पड़ोसी के घर शरण ली है।  

भारी बारिश से उफनाई नदियां, तटबंध क्षतिग्रस्त  
बागेश्वर। भारी बारिश से जिले भर में नदियां, गाड़-गधेरे और बरसाती नाले उफान पर आ गए हैं। इससे नदियों और गधेरों पर बनाए गए तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जलस्तर बढ़ने से पेयजल योजनाओं से पंपिंग और फिल्टरेशन का काम प्रभावित हो रहा है। रविवार को बागेश्वर में सरयू 867.50 मीटर दर्ज किया गया। यहां सरयू इस कदर उफान पर रही कि खतरे के निशान से लगभग तीन मीटर नीचे बही। नगर के सभी तट पानी में डूब गए। नदी का जलस्तर बढ़ने और साथ मलबा आने से तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए। जिला अस्पताल के पास वाला मार्ग तेज बहाव की भेंट चढ़ गया। विकास भवन के पास काफी बड़ा किनारा पानी में बह गया। उफनाई नदी ने कपकोट से लेकर बागेश्वर तक किनारों पर काफी कटाव किया। इधर, जलस्तर बढ़ने से पेयजल योजनाओं की आपूर्ति प्रभावित रही। नगर के कई इलाकों में पानी नहीं आया। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी तटों से दूर रहने और उफनते गधेरे पार करने से बचने को कहा है।  


जिले में बंद मोटर मार्ग 
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कपकोट-पिंडारी 
भयू-गडेरा 
भानी-हरसिंग्याबगड़ 
धरमघर-सनगाड़ 
डंगोली-सैलानी 
जखेड़ा-डाकघाट-लमचूला 
हरसिला-पुड़क़ुनी 
गैनार-लीती 
धरमघर-माजखेत 
कपकोट-कर्मी 
शामा-नौकुड़ी 
शामा-लीती 
लीती बाजार-लीती गांव 
बिजोरीझाल-ओखलसों 

छह दिन से खतरे में चार परिवार 
प्रभावितों की सुध न लेने का आरोप 

कपकोट। विकास खंड की ग्राम सभा मल्लादेश के चार परिवार छह दिन से खतरे में रह रहे हैं। भूस्खलन के चलते इनके मकान खतरे की जद में हैं। प्रभावितों ने आपदा कर्मियों पर अब तक सुध न लेने का आरोप लगाया है। 21 अगस्त की भारी बारिश से गांव के हरीश गिरी, धन गिरी, प्रेमा देवी, धन सिंह, हिम्मती देवी के घरों को खतरा बना हुआ है। भारी बारिश से इन मकानों के आसपास भूस्खलन हुआ है। आंगन में दरारें आ गई हैं। मजबूरी में ग्रामीण खतरे के बीच रह रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि प्रशासन को आपदा की सूचना दी, लेकिन अभी तक किसी ने सुध नहीं ली। ब्यूरो 
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