व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग ने जिले के तीनों ब्लाकों में 137 हेक्टेअर भूमि का चयन किया है। इस भूमि में कृषि, उद्यान, पशुपालन और केवीके के विशेषज्ञ संयुक्त निरीक्षण के बाद लोगों को व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने व्यावसायिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग को मॉडल के रूप में जिले के तीनों ब्लाकों में बंजर भूमि चयन के निर्देश दिए थे। कृषि विभाग ने तीनों ब्लाकों में पांच-पांच न्याय पंचायतों में पांच-पांच गांव चयनित कर बंजर भूमि का सर्वे कर दिया है। गरुड़ में 12 हेक्टेअर, कपकोट ब्लाक में 98 हेक्टेअर और बागेश्वर में 27 हेक्टेअर बंजर भूमि चयनित की है। डीएम ने सभी विभागों की बैठक लेते हुए कहा कि हमें परंपरागत खेती से हटकर सकारात्मक सोच के साथ गांव के विकास के लिए कुछ नयापन कर लोगों के सामने मॉडल प्रस्तुत करना है।
उन्होंने ग्रामीणों की सहमति के बाद संभावनाओं को तलाशकर परंपरागत व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए लोगों को नई तकनीकी की ओर प्रेरित करने को कहा। उन्होंने गांव में दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, मत्स्य, जड़ी बूटी आदि व्यावसायिक खेती की संभावनाओं को देखने को कहा है। बताया कि ग्रामवासियों की सहमति के बाद सबसे पहले चयनित गांव में पानी की उपलब्धता को देखकर सर्वे कार्य और उसके बाद भूमि सुधार की कार्ययोजना तैयार करें। को कहा। डेयरी विभाग को मिल्क रूट बढ़ाने और लोगों को आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, डा. उदय शंकर सहित कृषि विज्ञान केंद्र काफली गैर के विशेषज्ञ मौजूद थे।