बागेश्वर। कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग में दो साल पहले हुए भूस्खलन के मलबे से ध्वस्त चीराबगढ़ की सिंचाई नहर अबतक बंद पड़ी है। पेयजल योजना भी ध्वस्त हो चुकी है। फुलवाड़ी में मलबा घुसने से पनचक्की भी ठप है। इससे ग्रामीण गेहूं की पिसाई तक नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने डीएम को शिकायत पत्र सौंपकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचे चीराबगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा कि कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग के निर्माण के बाद से उनके गांव की सिंचाई नहर, पेयजल योजना, मार्ग बंद पड़े हैं। सिंचाई नहर के बंद होने से खेती का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। पीने का पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की पनचक्की में भी भारी मात्रा में मलबा घुस गया था। इससे 60 परिवारों की एकमात्र पनचक्की भी दो साल से बंद पड़ी है। इससे गरीब परिवारों को मुफ्त में मिलने वाली गेहूं की पिसाई की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी कोई सुध नहीं ली जा रही है। इससे सभी ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। वहां तोली के क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रकाश जोशी, शेर सिंह दानू, प्रवीन धामी, त्रिलोक सिंह मेहता, सतीश चंद्र जोशी आदि थे।